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मालिकाना हक योजना’ से वंचित लोगों के लिए किरण

शासन ने ‘मालिकाना हक योजना’ का लाभ लेने से वंचित रह गए लोगों की संख्या की संख्या पता करने के निर्देश दिए हैं। इस योजना का लाभ जिन लोगों को नहीं मिल पाया है, उन्हें अब ‘कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना’ में मकान दिए जाएँगे।


कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना के प्रमुख सचिव बलविंदर कुमार ने सभी जिलाधिकारियों, नगर आयुक्तों और विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों को लिखे पत्र में कहा है कि उन सभी लोगों का ब्यौरा तैयार किया जाए जिन्हें पिछले दिनों शुरू की गई ‘मालिकाना हक योजना’ के लिए चुना गया था, लेकिन अभी तक उस योजना का लाभ उन्हें हासिल नहीं हो सका है। करीब सात महीने पहले सरकार ने शहरी क्षेत्र में सड़क व नालों के किनारे सार्वजनिक स्थानों पर झोपड़ी डाल कर रह रहे गरीबों के यह योजना शुरू की थी। जमीन का मालिकाना हक देने के लिए कुछ मानक भी निर्धारित किए गए थे।

ऐसे स्थानों पर रहने वाले बहुत से गरीबों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पाया था। अब ऐसे बचे हुए लोगों के लिए राज्य सरकार उनकी गणना कराने  के बाद उन्हें कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना में आवास उपलब्ध कराएगी। इसीलिए शासन ने जिलेवार योजना का ब्यौरा माँगा है। उल्लेखनीय है कि इस बार सरकार ने कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना के तहत मकान बनाने का लक्ष्य न देकर माँग के अनुरूप बनाने का निर्णय लिया है। इसलिए किस शहर में कितने मकानों की जरूरत है, उसी आधार पर उतने मकान बनाए जाएँगे। इस बार  एक आवास बनाने के लिए लागत में 75 हजार रुपए की वृद्धि कर दी है। पिछल्ी बार एक आवास के निर्माण पर 1.75 लाख रुपए खर्च करने का प्रावधान था जिसे बढ़ाकर इस बार ढाई लाख रुपया कर दिया गया है।

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  • Web Title:मालिकाना हक योजना’ से वंचित लोगों के लिए किरण