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गहरे हुए भारत-ब्रिटेन के संबंध

भारत और ब्रिटेन के प्रधानमंत्रियों के बीच घनिष्ठ संबंधों से ऊर्जा पाकर शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी और व्यापार के क्षेत्र सहित दोनों देश के संबंध 2009 में नए मुकाम की ओर अग्रसर हुए और राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल की यहां की यात्रा ने द्विपक्षीय संबंधों को सुदढ़ करने का काम किया।
      
प्रतिभा पाटिल की 27 से 29 अक्टूबर तक की ब्रिटेन यात्रा दो दशकों में किसी भारतीय राष्ट्राध्यक्ष की पहली यात्रा थी। संयोग से इसी समय महारानी के बैटन रिले की भी शुरूआत हुई, जिसका समापन अगले वर्ष दिल्ली में होने वाले 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों के समापन के साथ होगा। जहां राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के साथ मुलाकात बहुत अच्छी रही वहीं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने समकक्ष गोर्डन ब्राउन के साथ मिलकर राजनीतिक स्तर पर संबंधों को गहरा किया।

ब्रिटेन, भारत की शिक्षा व्यवस्था को उन्नत बनाने की महत्वाकांक्षी योजना में मिलकर काम कर रहा है। भारत अपने यहां तकनीकी कुशलता वाले कई केंद्रों की स्थापना का इच्छुक है, जिसमें ब्रिटेन के उच्च प्रशिक्षित मानव संसाधन प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं।

अपनी ब्रिटेन यात्रा के दौरान राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने भारत और ब्रिटेन की विविधतापूर्ण और लोकतांत्रिक परंपराओं का उल्लेख करते हुए 21वीं सदी के निर्माण में दोनों देशों को स्वाभाविक सहयोगी करार दिया और द्विपक्षीय संबंधों में बड़े समझौते पर जोर दिया।

अप्रैल में जी-20 समूह के देशों के शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रमुख भूमिका निभाई जब विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं ने विश्व को आर्थिक मंदी के संकट से उबारने के लिए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था पर कड़ाई से नियमन के उपायों के साथ 1.1 ट्रिलियन डॉलर की सहायता देने का संकल्प व्यक्त किया।
विश्व के नेता भारत की उस प्रमुख मांग पर भी सहमत हो गए, जिसमें छह अरब डॉलर का कोष जुटाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमए) को सोने का भंडार बेचने की मांग की गई थी। इस कोष का उपयोग अगले दो या तीन वर्षों में विश्व के सबसे गरीब देशों को सस्ते ऋण देने में होगा।

2009 में भारत के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी ब्रिटेन की यात्रा की। स्कॉटलैंड के सेंट एंड्रयूज में जी-20 समूह देशों के वित्त मंत्रियों के शिखर सम्मेलन में वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शिरकत की। मुखर्जी ने बड़ी मुखरता से भारत की उस मांग को भी रखा, जिसमें जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए विकासशील देशों को मदद के लिए धनी देशों से ठोस योगदान करने को कहा गया है।

इंग्लैंड और वेल्स में 29 सितंबर से नए विधिक वर्ष की शुरूआत के उपलक्ष्य में आयोजित पारंपरिक कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए भारत के विधि मंत्री वीरप्पा मोइली ब्रिटेन गए। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री मुरली देवड़ा ने लंदन में ऊर्जा मंत्रियों की बैठक में शिरकत की, जिसमें पारदर्शी नियमनों के साथ स्थाई बाजार को फिर से तैयार करने पर जोर दिया गया।

भारत के अतुल्य भारत अभियान को नवंबर में भ्रमण स्थलों के सर्वश्रेष्ठ विपणन के प्रचार अभियान की श्रेणी में वर्ल्ड ट्रैवल अवॉर्ड दिया गया। पर्यटन मंत्री कुमारी शैलजा ने लंदन में आयोजित एक भव्य समारोह में यह पुरस्कार ग्रहण किया। पर्यटन मंत्री के तौर पर असाधारण प्रदर्शन के लिए उन्होंने एशियन गिल्ड अवॉर्ड भी प्राप्त किया।

विश्व के अग्रणी ट्रैवल बिजनेस मार्केट वर्ल्ड ट्रैवल मार्ट का लंदन में आयोजन हुआ, जिसमें कश्मीर को पर्यटकों के क्षेत्र के रूप में बढ़ावा देने के लिए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला उपस्थित थे। कश्मीर को धरती का स्वर्ग बताते हुए उन्होंने पर्यटकों को उनकी सुविधा के अनुसार घाटी में आने का निमंत्रण दिया। अब्दुल्ला ने कहा कि पर्यटकों के लिए कश्मीर के दरवाजे सालों भर खुले रहें, इसके लिए कदम उठाए जा रहे हैं ।

आर्थिक मंदी के बावजूद वित्तीय वर्ष 2008-2009 में भारतीय कंपनियों का लंदन में निवेश जारी रहा और बीते वर्ष में अच्छी वृद्धि दर के कीर्तिमान को दोहराने की तैयारी चल रही है। लंदन के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का आंकड़ा तैयार करने वाली एजेंसी थिंक लंदन के नए आंकड़े के अनुसार वित्तीय वर्ष के आंकड़ों से पता चलता है कि 14 भारतीय कंपनियों ने या तो लंदन में कामकाज शुरू किया या कारोबार का विस्तार किया।

भारत लंदन में दूसरा सबसे बड़ा निवेशक है और देश की परियोजनाओं से लंदन की अर्थव्यवस्था में चार करोड़ 61 लाख पौंड के मूल्य की चार हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं, जिससे अमेरिका के बाद यहां रोजगार के अवसर सृजित करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है।

लंदन स्थित प्रख्यात मैड़म तुसाद संग्रहालय में भारत के क्रिकेट सितारे मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर की आदम कद मोम की प्रतिमा स्थापित की गई। इसके साथ सचिन यहां स्थान पाने वाले पहली भारतीय खेल हस्ती बन गए। यहां अमिताभ बच्चन, ऐश्वर्या राय, शहरूख खान और सलमान खान जैसी बॉलीवुड की प्रमुख हस्तियों की मोम प्रतिमाएं पहले ही स्थापित की जा चुकी है।

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