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भारतीय महिलाओं की प्रतिभा को भी मिली उड़ान

प्रतिभा की उड़ान
2008 में पहली महिला राष्ट्रपति के तौर पर सिर पर पल्लू लिए 26 जनवरी की परेड़ की सलामी लेने वाली प्रतिभा पाटिल इस वर्ष एक नए अवतार में नजर आईं। उन्होंने लड़ाकू सैनिकों की वेशभूषा और हेल्मेट पहनकर सुखोई लड़ाकू विमान में उड़ान भरी और देश की महिलाओं की परवाज को नए पंख दिए।

सशस्त्र बलों की मुखिया राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने 25 नवंबर को पुणे के लोहेगांव वायुसैनिक अड्डे से सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान में उड़ान भरी। रूस में बने सुखोई में 30 मिनट की उड़ान भर कर प्रतिभा ऐसा करने वाली किसी भी देश की पहली महिला राष्ट्राध्यक्ष बन गईं। जी-सूट पहनकर सह पायलट की सीट पर बैठीं 74 वर्षीय प्रतिभा ने किसी भी युद्धक विमान में 30 मिनट की यात्रा करने वाली सबसे उम्रदराज महिला का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।

विदेशी मोर्च पर निरूपमा राव
राजनयिक मोर्चे पर क्षंडे गाड़ने वाली निरूपमा राव को एक अगस्त को देश का नया विदेश सचिव नियुक्त किया गया। 1973 बैच की आईएफएस अधिकारी राव चोखिला अय्यर के बाद विदेश सचिव का पद संभालने वाली दूसरी महिला हैं। चीन में राजदूत रह चुकीं राव ऐसे समय पर विदेश सचिव बनीं जब सरकार पर पाकिस्तान के प्रति नरमी बरतने और अमेरिकी दबाव में काम करने के आरोप लग रहे थे।

इंदिरा नूई सबसे ताकतवर
पेप्सिको की मुख्य कार्याधिकारी भारतीय मूल की इंदिरा नूई को अमेरिका की जानी मानी पत्रिका फॉर्च्यून ने अपनी सूची में लगातार चौथे वर्ष अमेरिका के कारोबार में सबसे ताकतवर महिला घोषित किया। अपनी 50 सबसे ताकतवर महिलाओं की सूची में 53 वर्षीय नूई के बाद दूसरे स्थान पर क्राफ्ट फूड की प्रमुख इरेने रोसनफेल्ड हैं, वहीं तीसरे स्थान पर सोयबीन कंपनी आर्चर डेनीयल्स मिडलैण्ड की प्रमुख पैट वोर्टज काबिज हैं। गौरतलब है कि इस सूची में यह तीनों महिलाएं पिछले साल भी इसी क्रम में थीं। फॉर्च्यून ने कहा कि नूई लगातार चौथे साल इस सूची में पहले स्थान पर काबिज रहने में सफल रही हैं। उनके कार्यकाल में पेप्सिको को लगातार मुनाफा हुआ है।

रूखसाना का हौसला
राजौरी जिले की रूखसाना ने इस वर्ष जो कारनामा अंजाम दिया उसके बारे में जानकार अच्छे-अच्छे जांबाज पुरूषों को पसीना आ गया। 27 नवंबर को लश्करे तैयबा के आतंकवादियों ने रूखसाना के घर पर हमला किया। 21 बरस की रूखसाना ओर उसके 18 बरस के भाई अजमल ने उग्रवादियों से जमकर लोहा लिया। उन्होंने एक उग्रवादी की एके-47 राइफल छीनकर उसी पर चला दी, जिससे वह वहीं ढेर हो गया। सरकार ने रूखसाना और उसके भाई का नौकरी और सुरक्षा प्रदान करके उनके हौंसले को दाद दी।

मीरा का दबदबा
इस वर्ष जून में मीरा कुमार को लोकसभा का स्पीकर चुन लिया गया। वह देश के निचले सदन के स्पीकर पद पर पहुंची पहली महिला हैं। पूर्व राजनयिक और वकालत से जुड़ी रहीं मीरा कुमार पांच बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हो चुकी हैं और 2004-2009 के बीच सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री रही। उन्होंने स्पेन, ब्रिटेन और मॉरीशस में भारतीय राजनयिक के तौर पर कार्य किया।

वहीं मीरा शंकर को अमेरिका में भारत का नया राजदूत बनाया जाना भी इस वर्ष महिलाओं की कुछ बड़ी उपलब्धियों में शुमार रहा। 1973 बैच की आईएफएस सेवा की अधिकारी मीरा शंकर ने रोनेन सेन का स्थान लिया, जिनका विस्तारित कार्यकाल 31 मार्च को समाप्त हुआ था।

महिला शक्ति को सलाम
प्रवासी भारतीयों द्वारा परित्यक्त पत्नियों की दुर्दशा पर ध्यान देने के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने एक विशेष प्रकोष्ठ की शुरूआत की, ताकि ऐसी महिलाओं की शिकायतें दर्ज कर उन पर कार्रवाई हो सके। जमीनी स्तर पर महिलाओं को सशक्त बनाने के ऐतिहासिक फैसले में सरकार ने पंचायतों में महिलाओं के लिए आरक्षण बढ़ाकर 50 फीसदी करने के प्रस्ताव को 27 अगस्त को मंजूरी दे दी। साथ ही 2009 में पहली बार बीएसएफ का महिला कैडर भारतीय सेना में शामिल हुआ।

महिलाओं की तमाम उपलब्धियों के बीच एक खबर यह भी रही कि राजधानी दिल्ली की पुलिस भले ही 81 हजार जवानों की क्षमता का दावा कर इठलाती हो, लेकिन अगर महिला पुलिसकर्मियों की संख्या पर नजर
डालें, तो महज 3,274 महिला पुलिसकर्मी राजधानी के पुलिस महकमे में सेवारत हैं। राजधानी पुलिस के आंकड़ों के लिहाज से वर्तमान में एक ओर जहां 103 पुरुष अधिकारी अपनी सेवा दे रहे हैं, वहीं उपायुक्त (डीसीपी) और अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसीपी) के पद पर सिर्फ तीन महिला अधिकारी कार्यरत हैं। इसी प्रकार पुलिस महकमें में 348 अतिरिक्त आयुक्तों में से सिर्फ 33 महिलाएं ही इस पद पर तैनात हैं।

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