class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

भारतीय पहलवानों के दंगल से सब दंग

बीजिंग ओलंपिक खेलों में सुशील कुमार के पदक जीतने के बाद से भारतीय कुश्ती में शुरू हुआ जीत का सिलसिला इस साल भी जारी रहा। भारतीय पहलवानों ने देश-विदेश में आयोजित 15 अंतरराष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिपों में इस साल 52 स्वर्ण सहित 159 अंतरराष्ट्रीय पदक अपनी झोली में डाल लिए।

इस साल सबसे महत्वपूर्ण पदक पुरूष वर्ग की विश्व चैंपियनशिप के 74 किलो वजन वर्ग में रेलवे के पहलवान रमेश कुमार ने दिलाया। रमेश ने 20 से 27 सितंबर तक डेनमार्क के हेनरिंग में आयोजित प्रतियोगिता में हालांकि कांस्य पदक ही जीता, लेकिन भारत के हाथ यह पदक 42 सालों के बाद हाथ लगा। भारत ने विश्व पुरूष विश्व कुश्ती में यह केवल तीसरा पदक ही जीता है। इससे पहले विशंभर सिंह ने 1967 में रजत और 1961 में उदयचंद ने कांस्य पदक जीता था। विश्व प्रतियोगिता के महिला वर्ग में 2006 में अलका तोमर ने चीन में कांस्य पदक दिलाया था।

इस साल 330 पहलवानों ने विभिन्न 15 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओ में देश का प्रतिनिधित्व किया और उसने 52 स्वर्ण, 53 रजत और 54 कांस्य पदक कुल मिला कर 159 पदक जीते, जो किसी भी खेल में भारतीय खिलाड़ियों द्वारा जीते गए सबसे ज्यादा पदक हैं।

महिला वर्ग में भारत ने 13 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया, जिसमें उसने 13 स्वर्ण, 16 रजत और 10 कांस्य समेत कुल 39 पदक जीते। इस साल महिला वर्ग में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन अलका तोमर ने किया जिसने थाइलैंड के पटाया में आयोजित एशियाई प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता।

उभरते हुए पहलवानों में महाराष्ट्र के राहुल आवरे (55किलो) का नाम सबसे पहले आता है। उसने तुर्की के अंकारा में आयोजित विश्व जूनियर कुश्ती प्रतियोगिता में रजत के बाद मार्च में मिस्र में इब्राहम मुस्तफा प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद जून में जर्मन ग्रा प्री में भी स्वर्ण और फिलीपीन के मनीला में आयोजित जूनियर एशियाड में स्वर्ण पदक जीता।

इसी माह जालंधर में आयोजित राष्ट्रमंडल कुश्ती प्रतियोगिता में भारत ने 16 स्वर्ण, 11 रजत और इतने ही कांस्य समेत कुल मिला कर 38 पदक जीतते हुए टीम चैंपियनशिप पर कब्जा किया। भारत ने फ्री स्टाइल में सात स्वर्ण सहित 14 और ग्रीको रोमन में छह स्वर्ण सहित 13 पदक जीते जबकि महिला वर्ग तीन स्वर्ण सहित 11 पदक जीते।

ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार से लेकर विश्व प्रतियोगिता के पदक विजेता रमेश कुमार समेत सभी पहलवानों की नजरें अब अगले साल दिल्ली में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों पर लगी हुई हैं। भारतीय कुश्ती महासंघ को उम्मीद है कि राष्ट्रमंडल खेलों की कुश्ती प्रतियोगिता में भारतीय पहलवानों का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहने वाला है।

सुशील के कोच महाबली सतपाल का कहना है कि अगर अपने ही देश में होने वाली प्रतियोगिता में हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं करेंगे तो फिर कब करेंगे। भारत के 84 पहलवानों को राष्ट्रमंडल खेलों के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। फ्री स्टाइल और ग्रीकोरोमन वर्ग पहलवानों को सोनीपत के साई केंद्र में और महिला वर्ग पहलवानों को पटियाला के राष्ट्रीय क्रीड़ा संस्थान (एनआईएस) में विदेशी कोचों की देख-रेख में ट्रेनिंग दी जा रही ह ।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:भारतीय पहलवानों के दंगल से सब दंग