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रूमटेक मठ में ताजपोशी केन्द्र की मर्जी पर : करमापा


17वें करमापा उग्येन त्रिनले दोर्जे ने कहा है कि सिक्किम स्थित रूमटेक मठ में उनकी ताजपोशी केन्द्र सरकार के निर्देश पर ही निर्भर रहेगी। सिक्किम स्थित उनके अनुयायियों की मांग पर वहां की सरकार ने इस आशय का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा है जिसपर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा कि तिब्बत की आजादी कठिन मसला है इसपर कुछ बोलना जल्दीबाजी होगी। करमापा ने कहा कि शीर्ष बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा द्वारा उन्हें मान्यता प्रदान किए जाने के पश्चात यह विवाद खत्म हो जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अनुयायियों की मांग पर ताइवान जाकर प्रवचन-दीक्षा देने का प्रयास करूंगा। उन्होंने दलाई लामा के तवांग जाने को धार्मिक मसला बताया क्योंकि वहां बड़े पैमाने पर बौद्ध श्रद्धालु हैं। विदित हो कि दलाई लामा के तवांग जाने पर चीन ने हाय-तौबा मचाई थी।

शनिवार को बोधगया के तेरगर बौद्ध मठ में आयोजित प्रेस वार्ता में हिन्दुस्तान द्वारा पूछे गए प्रश्न के जवाब में करमापा ने उपयरुक्त उद्गार व्यक्त किया। प्रेस वार्ता में नौ देशों के 30 पत्रकार शामिल थे। संवाददाताओं  के पूछे जाने पर कि फिलवक्त तिब्बत स्थित त्सरुफू मठ का प्रभारी कौन है तथा क्या वे पुन: वहां जाना चाहेंगे?

उन्होंने जवाब में कहा कि उन्हें वहां से भागते वक्त यह याद ही नहीं कि वहां कौन रह गया संभवत: कोई रिनपोछे वहां के प्रभारी होंगे और अब उनका तिब्बत लौटना संभव नहीं है। एक पत्रकार द्वारा यह पूछे जाने पर क्या वे ‘क्रोएशिया’ जैसे इसाई देश में जाकर बुद्ध के करुणा तथा अहिंसा का प्रचार करेंगे?

उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षो में मात्र अमरीका जाकर ‘दीक्षा’ दे सके हैं भविष्य में क्या होगा कहना कठिन है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिवेश में संपूर्ण विश्व के लिए पर्यावरण संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।

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  • Web Title:रूमटेक मठ में ताजपोशी केन्द्र की मर्जी पर : करमापा