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सूनामी की पांचवी बरसी, हम तुझे कभी नहीं भूलेंगे

सूनामी की पांचवी बरसी, हम तुझे कभी नहीं भूलेंगे

हिंद महासागर में आए सूनामी की पांचवीं बरसी के मौके पर इस प्राकृतिक आपदा में मारे गए लोगों की याद में शनिवार को एशियाभर में प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया जा रहा है।

पांच साल पहले 26 दिसंबर के ही दिन 13 देशों में आई सूनामी के कारण दो लाख 26 हजार लोगों की मौत हो गई थी तथा लाखों लोग बेघर हो गए थे। थाइलैंड तटीय क्षेत्र बान नाम खेम में हजारों बौद्ध भिक्षुओं ने मृतकों की याद में प्रार्थना की। सूनामी में पांच हजार की आबादी वाले इस इलाके के लगभग आधे लोग मारे गए थे।

सूनामी से सबसे ज्यादा नुकसान इंडोनेशिया में हुआ था जहां इस त्रासदी में मरने वालों और लापता होने वालों की संख्या एक लाख 66 हजार से भी अधिक थी। यहां के सुमात्रा द्वीप में सैकडों लोगों ने मिस्जदों में जाकर मृतकों की आत्मा की शांति के लिए नमाज अदा की।
 
बांदा असे में भी सूनामी से भारी तबाही हुई थी जिसके निशान आज भी यहां देखे जा सकते हैं। यहां रहने वाली इवा सुसांदी ने कहा कि यहां के लोग बचे हुए अवशेषों पर नवनिर्माण की कोशिश कर रहे हैं। वहीं तौफीक अहमद नाम के एक स्थानीय निवासी का कहना है कि लोगों को सिर छुपाने की जगह देने की कोशिश हो रही है फिर भी अभी 80 से 90 प्रतिशत लोग बेघर हैं।

पतौंग में एक टूरिस्ट रिजार्ट में कई लोग इकट्ठा हुए जहां बौद्ध भिक्षुओं ने प्रार्थनाएं की। सूनामी में अपनी पत्नी को खोने वाले एक 73 वर्षीय जर्मन व्यक्ति ने कहा कि वह अपनी पत्नी की याद में समुद्र में सफेद गुलाब रखेंगे। उन्होंने कहा कि हम यहां हैं क्योंकि हम जीवित हैं।

देश में निर्माण कार्यों में योगदान दे रही रेड क्रास ने कहा है कि अधिकांश काम पूरा हो चुका है और अब केवल बड़ी परियोजनाओं पर ही काम चल रहा है। रेड क्रास ने यहां 51 हजार मकान बनाए हैं। हालांकि लोगों का कहना है कि उन्हें और सहायता की आवश्यकता है। उन्हें केवल इमारतें ही नहीं बल्कि पेयजल, पेड़-पौधों और अन्य आधारभूत सुविधाओं की भी जरूरत है।

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