class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सत्र में मुद्दे रखने का मिले पर्याप्त समय : रावत

नेता प्रतिपक्ष डा.हरक सिंह रावत ने चार दिवसीय सत्र के दौरान मंत्रियों के होमवर्क पर अंगुली उठाई। उन्होंने कहा कि सरकार ने जान-बूझकर सत्र की अवधि कम रखी। ताकि जनहित मुद्दों को सदन में न रखा जा सके।

विधानसभा स्थित अपने कक्ष में नेता प्रतिपक्ष डा.हरक सिंह रावत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि एक वर्ष में लगभग नब्बे दिन सत्र चलना चाहिए। भाजपा सरकार हर बार विपक्ष पर सदन को नहीं चलने का आरोप लगाते थे, लेकिन इस बार सरकार ने सदन को खुद ही बाधित किया।

प्रशिक्षित बेरोजगारों के मुद्दे पर चर्चा नहीं हो सकी। इसके अलावा पत्रचार बीटीसी धारकों, सदन के बाहर धरने पर बैठी महिलाओं, केएमवीएन में एससी/एसटी निगम को बंद करना, एमडीडीए कर्मियों की हड़ताल, राजस्व पुलिस की हड़ताल, मातृ शिशु कल्याण का मामला, विवेकाधीन कोष का दुरुपयोग, लेंड यूज चेंज में हेराफेरी आदि महत्वपूर्ण मुद्दों को सदन में रखा जाना था।

लेकिन सत्र की अवधि मात्र चार दिन होने से मुद्दे सदन में नहीं रखे गए।  विधायक किशोर उपाध्याय ने कहा कि टिहरी प्रभावितों पर सदन में चर्चा नहीं कराई गई।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:सत्र में मुद्दे रखने का मिले पर्याप्त समय : रावत