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फंड पोर्टफोलियो

म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो बनाते समय अकसर लोग तमाम छोटी-छोटी गलतियां कर जाते हैं जिस कारण आप म्यूचुअल फंड में किए गए निवेश का फायदा नहीं उठा पाते।

जुड़े ही न रहें : बहुत पुरानी बात नहीं है जब इंफ्रास्ट्रक्चर फंड तमाम फंड हाउस, एजेंट और निवेश की पसंद थे। उदाहरण के तौर पर टाटा म्यूचुअल फंड के चार तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर फंड होते हैं जिसके बीच वे भारतीय, उभरते और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की उभरती कंपनियों में निवेश करते हैं। फाइनेंशियल प्लानर लोवाई नवलाखी कहते हैं कि चारों फंड के गुणधर्म अलग हैं, लेकिन कई निवेश के डाइवर्सिफिकेशन को सीमित कर देते हैं। सामान्यत: इंफ्रास्ट्रक्चर फंड पोर्टफोलियो का छोटा हिस्सा होता है। 

टैक्स : अंतिम निर्णय लेने से पहले आपको देखना होगा। यह देखें कि किसी फंड से बाहर निकलने के दौरान आपको टैक्स अदा न करना पड़े। अगर आपने एक साल से पहले ही इक्विटी फंड बेच दिया तो आपको 15.45 प्रतिशत शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स (सेस सहित) देना होगा। यह टैक्स आप पर तब नहीं लगेगा जब आपके फंड का एक साल पूरा हो चुका होगा। जब तक आपको पैसे की बेहद जरूरत न हो तब तक फंड को एक साल तक अपने पास होल्ड रखें।

अपनी कमियों को पहचान कर उनसे छुटकारा पाने की जरूरत है। नॉर्मल फंड के लिए आपको पैसे विकरने की जरूरत है और फंड अपने आप ही बंद हो जाएगा। सिस्टेमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) आपके बैंक अकाउंट से सीधे जुड़ा हुआ है। आपको छूट के लिए खत भेजना होगा। छूट तभी मिलेगी जब आपको फंड हाउस से किसी भी तरह की पावती मिले।

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