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जदयू को लगा है झटका चार प्रभारी, फिर भी दो ही मिला सीट

 इस चुनाव में जदयू को गहरा झटका लगा है। छह में से दो ही सीट जीत सकी है। भाजपा के साथ गठबंधन कर 14 सीटों पर चुनाव लड़नेवाले जदयू अपनी दो सीट तमाड़ और छतरपुर बचा सकी है।

प्रदेश अध्यक्ष जलेश्वर महतो और पार्टी के बड़े नेता शैलेंद्र महतो चुनाव नहीं जीत सके। पांकी, विश्रमपुर, बाघमारा, बोकारो, हुसैनाबाद, भावनाथपुर, देवघर, मांडू, डुमरी, शिकारीपाड़ा, चंदनकियारी और सारठ में जदयू के प्रत्याशी चुनाव हार गए हैं।  इससे शरद यादव और नीतीश कुमार के प्रतिष्ठा पर भी धक्का लगा है।

तमाड़ से राजा पीटर और छतरपुर से सुधा चौधरी के जीत जाने से जदयू का वजूद किसी तरह बच सका। वर्ष 2005 के विधान सभा चुनाव में जदयू ने छह तमाड़,छतरपुर, बाधमारा, देवघर, मांडू और डालटेनगंज सीटें जीती थी।

इसबार बाधमारा, देवघर, मांडू और डालटेनगंज सीट नहीं बचा पाई।   वर्ष 2000 के चुनाव में झारखंड क्षेत्र के भीतर तत्कालीन जनता दल और समता पार्टी को आठ सीटें हासिल हुई थी। इस चुनाव में जदयू ने झारखंड के लिए बिहार के चार बड़े नेता डॉ भीम सिंह, श्रवण कुमार,रवींद्र सिंह और उपेंद्र प्रसाद को  प्रदेश प्रभारी बनाया था। इसके बाद लगातार नीतीश कुमार चुनावी अभियान का मोनिटरिंग कर रहे थे। नीतीश कुमार और शरद यादव चार दजर्न से अधिक चुनावी सभाएं की थी।

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  • Web Title:जदयू को लगा है झटका