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डाइबीटिज की जांच बिना सूई चुभोए

हम सभी जानते हैं कि भारत समेत दुनिया के कई देशों में डाइबिटीज की बीमारी काफी तेजी से बढ़ रही है। मुश्किल तो यह है कि इसकी जांच भी लगातार करवानी पड़ती है जो काफी तकलीफदायक होती है। लेकिन अब डाइबिटीज के रोगियों के लिए एक ऐसे यंत्र का अविष्कार हो चुका है जो उंगली में सूई चुभोकर रक्त जांच की पीडा़ से निजात दिला सकेगा।

इस यंत्र का नाम है ग्लूको ट्रैक। यह यंत्र रोगी के कान पर लगा देने से ब्लड ग्लूकोज का स्तर बता देगा और रोगी को रक्त जांच के लिए उंगली में सूई चुभोने की जरुरत नहीं होगी।

इस उपकरण के सफल परीक्षण पूरे हो चुके हैं और यह संभवतः अगले एक-दो वर्षों में बाजार में आ जाएगा। पैनक्रियास के काम करना बंद कर देने या फिर ठीक से काम न करने के कारण शरीर में इंस्यूलिन का बनना रुक जाता है अथवा कम हो जाता है।

इंस्यूलिन हमें भोजन से मिलने वाली ऊर्जा हासिल करने में मदद करता है। ब्लड ग्लूकोज मापने के लिए कई रोगियों को दिन में एक बार से लेकर चार बार तक उंगली में सूई चुभोनी पड़ती है।

लेकिन इस उपकरण के बाजार में आने के बाद रोगी इसे महज अपने कान पर लगाकर उसे मोबाइल फोन जितने बडे़ एक अन्य उपकरण के साथ जोड़ अल्ट्रासाउन्ड से रक्त में शर्करा के स्तर का पता लगा सकेगा।

ये तो हम सभी जानते हैं कि स्वास्थ्य जीवन के लिए कितना महत्वपूर्ण है। क्या आपके पास स्वास्थ्य से संबंधित कोई लेख है तो उसे पूरी दुनिया से बांटिए और जीतिए एक आकर्षक इनाम। तो फिर देरी कैसी?

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