class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कंबल ओढ़ घी पी रही है सरकार : लालू

‘मर्दे ई सरकार त कंबल ओढ़ के घी पी रही है। इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए नहीं तो राजद सशक्त आंदोलन खड़ा करेगा।’  राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद की यह प्रतिक्रिया बिजली बोर्ड पर चार हजार करोड़ के घोटाले के आरोपों से जुड़े राजद सांसद जगदानंद के उस पत्र पर थी जिसे उन्होंने मुख्यमंत्री को लिखा है। जगदानंद ने तो दो कदम आगे बढ़कर इसे किसानों के साथ छल बताते हुए मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग कर डाली। प्रतिपक्ष की नेता राबड़ी देवी के आवास पर मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में राजद अध्यक्ष की उपस्थिति में जगदानंद ने पत्र प्रेस को जारी किया।

जगदानंद ने कहा कि इस चार हजार करोड़ की लूट से किसानों के दस हजार करोड़ की फसल बर्बाद हुई। लूट सत्ता के संरक्षण में हुई। खुलासा करने के कारण विजिलेंस के तत्कालीन डीजी आनंद शंकर और आरोपियों पर प्राथमिकी करने के कारण मनोज नाथ को पद से हटा दिया गया। आरोपित अध्यक्ष को सेवा विस्तार का लाभ दिया गया। उन्होंने मांग की कि मनोज नाथ को फिर से जांच करने की छूट दी जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि केन्द्र से किसानों के लिए मिलने वाली बिजली को राज्य सरकार ने लोहा गलाने वाले उद्योगों को अपूर्ति कर दी। उसे दूसरे राज्यों को बेचा भी गया नतीजा किसानों की फसल मारी गई। उन उद्योगों को बिजली चोरी की पूरी छूट दी गई। जो अब तक चार हजार करोड़ का चूना लगे चुके हैं। सिक्योर्ड मीटर में एसएमएस आते रहे और अधिकारी उसकी अनदेखी करते रहे। बिजली बोर्ड का डेफिसिट ग्रांट 40 से बढ़ाकर 80 करोड़ कर दिया गया। जबकि यह ग्रांट खेती में कम रेट पर बिजली आपूर्ति से हुए घाटे को पाटने के लिए दिया जाता है न कि चोरी से हुए घोटे के लिए। यही करण है कि राजद के शासनकाल में केन्द्र से मात्र चार सौ मेगावाट बिजली मिलती थी। दो सौ मेगावाट खरीदकर आठ से दस घंटे गांवों में बिजली दी जाती थी। आज केन्द्र 1500 मेगावाट केन्द्र से मिलती है। बावजूद हालात बदतर हैं। प्रेस कांफ्रेंस में रामकृपाल यादव, गुलाम गौस और रामचन्द्र पूर्वे भी थे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:कंबल ओढ़ घी पी रही है सरकार : लालू