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रुचिका से छेड़छाड़ में डीजीपी राठौर को कैद की सजा

हरियाणा के रिटायर्ड पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एसपीएस राठौर को चंडीगढ़ में सीबीआई के विशेष मजिस्ट्रेट जे.एस.सिद्धू की अदालत ने 14 वर्षिया टेनिस खिलाड़ी रुचिका गिरहोत्र से छेड़छाड़ का दोषी पाया है।

19 साल पुराने इस मामले में अदालत ने सोमवार को राठौर को छह महीने की कैद एवं एक हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। यदि वह जुर्माना अदा नहीं करते तो उन्हें एक महीने और कैद का प्रावधान फैसले में रखा गया है।

हालांकि राठौर को अदालत से जमानत मिल गई है। यह छूट अवधि एक महीने के भीतर ऊपरी अदालत में याचिका दायर करने तक की है। पिछले मंगलवार को अदालत ने फैसले के लिए सोमवार का दिन मुकर्रर किया था और सोमवार को करीब दो घंटे चली इन कैमरा ऑन कैमरा प्रोसीडिंग के बाद शाम सवा चार बजे कोर्ट का दरवाजा खुलने पर शिकायतकर्ता मधु प्रकाश के वकील ने बताया कि अदालत ने राठौर को छह महीने कैद एवं एक हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।

एसपीएस राठौर के खिलाफ रुचिका की सहेली रीमू की मां मधु प्रकाश की शिकायत पर आईपीएस एसपीएस राठौर के खिलाफ अदालत में मामला चल रहा था। एसपीएस राठौर हरियाणा लान टेनिस ऐसोसिएशन के अध्यक्ष थे और वर्ष 1990 में भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) में आईजी थे।

उनके खिलाफ आरोप थे कि रुचिका द्वारा प्रशिक्षण छोड़ने पर राठौर उसके घर गए थे और रुचिका के पिता को मनाने के बाद रुचिका को अपने पास बुलाया था। रुचिका अपनी सहेली रीमू को साथ लेकर गई थी, लेकिन रीमू को बाहर बैठा दिया गया था, कुछ मिनट बाद रीमू भीतर गई तो उसने देखा कि राठौर रुचिका से कथित तौर पर छेड़छाड़ कर रहे हैं।

रीमू ने यह बात अपने पिता को बताई और रीमू के घर वालों की कोशिश पर हाईकोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार ने जांच कराई और जांच रिपोर्ट राठौर के खिलाफ आई और बाद में यह मामला सीबीआई के पास आया और अदालत में चला। इससे पहले मामला सीबीआई की अंबाला अदालत में था, यहां से मामला पटियाला सीबीआई अदालत में स्थानांतरित किया गया।

इस मामले की पैरवी इन दोनों अदालतों में हो चुकी थी। इसी बीच हाईकोर्ट ने बहस और फैसले के लिए यह मामला चंडीगढ़ में सीबीआई के विशेष मजिस्ट्रेट की अदालत में ट्रांस्फर कर दिया। मामले की सुनवाई एक महीने में मुकम्मल करनी थी।

एक महीने पहले यहां बहस की कार्रवाई शुरू हुई थी और कुछ दिन पहले बहस मुकम्मल हो चुकी थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद मंगलवार को सीबीआई के विशेष मजिस्ट्रेट जे.एस.सिद्धू ने राठौर को छेड़छाड़ का दोषी पाया है।
उल्लेखनीय है कि रीमू के परिजनों द्वारा यह मामला सरकार के पास उठाया गया था और हाईकोर्ट में भी पहुंच की गई थी।

सरकार ने मामले की जांच कराई थी और रिपोर्ट में भी राठौर को दोषी पाया गया था। बाद में हाईकोर्ट तक पहुंच करने पर मामले की सीबीआई जांच हुई थी और सीबीआई ने चालान पेश करते वक्त राठौर को दोषी पाया था। उल्लेखनीय है कि एसपीएस राठौर हरियाणा से 31 जुलाई 2002 को बतौर डीजीपी सेवानिवृत हो चुके थे।

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  • Web Title:रुचिका से छेड़छाड़ में डीजीपी राठौर को कैद की सजा