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ओमा स्टार: न पंजीकरण का झंझट न हेलमेट की चिंता

ग्लोबल वार्मिग पर पूरी दुनिया चिंतित है। पर आपको पता है इस चिंता का सबसे अधिक फायदा कौन उठा रहा है? नहीं पता तो कोई नहीं मैं बताता हूं इसका सबसे अधिक फायदा कई ऑटो कंपनियां उठा रही हैं। इस फायदे को मैं सकारात्मक रूप में लूंगा क्योंकि इससे पर्यावरण की सुरक्षा हो रही है। अब आइए आपको करवाते हैं एक ऐसी टेस्ट ड्राइव जो पर्यावरण से जुड़ी हुई है। मैं आज आपको ई-स्कूटर का टेस्ट ड्राइव करवा रहा हूं जिसे आप अपने रोजमर्रा के कामों में प्रयोग करके पैसा ही नहीं बचा सकते हैं बल्कि पर्यावरण के लिए अपना सबसे बड़ा योगदान दे सकते हैं। तो आइए मिलिए लोहिया ऑटो इंडस्ट्रीज के ओमा स्टार से।
 
नोएडा में इस ई-स्कूटर की सवारी करने से पहले जब इससे रूबरू हुआ तो एक बड़े स्कूटर का लुक देखकर चौंक गया। पर इस पर बैठते ही यह पता चल गया कि यह एक हल्का सा स्कूटर जिसे कोई भी आसानी से हैंडल कर सकता है। इसकी अधिकतम स्पीड 25 किलोमीटर प्रति घंटे की है। पहली बार डिजिटल मीटर :  ई-स्कूटरों में पहली बार किसी कंपनी ने डिजिटल मीटर का प्रयोग किया है। इस डिजिटल मीटर पर आप न सिर्फ स्पीड और किलोमीटर को पढ़ सकते हैं, बल्कि इस पर बैट्री की स्थिति और सामान्य तापमान भी जान सकते हैं। इसका डिजिटल मीटर काफी आकर्षक तरीके से डिजाइन किया गया है।
बैट्री की क्षमता: इसमें लगी बैट्री चार्ज होने में छह से आठ घंटे का वक्त लेती है। एक चार्ज पर अगर आप बहुत मोटे नही हैं तो 90 किमी तक जा सकते हैं। लेकिन अगर आप दो लोगों की सवारी करते हैं तो इससे फिर साठ किमीटर से अधिक की उम्मीद मत करिए। मेरा कहने का साफ तात्पर्य है कि इस पर जितना लोड कम होगा यह उतना ही अधिक एक चार्ज में दूरी तय करेगी। इसमें लगी बैट्री की उम्र 300 चार्ज तक है। यानी कि 18 हजार किमी से अधिक दूरी के बाद आपको इसकी बैट्री बदलनी पड़ेगी। इसे ड्राइव करते हुए एक बात मेरे मन में आई कि बहुत सारे लोगों का घर ऐसा नहीं है खास करके दिल्ली में जिसमें वे इस स्कूटर को अपने घर में खड़ा करके चार्ज कर सकें। यह सवाल मैंने लोहिया मोटर के इंजीनियर के सामने रखी तो पता चला कि इसकी बैट्री को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इसे आप स्कूटर खड़ा करके इसमें प्लग हटाकर अपने साथ कहीं भी ले जा सकते हैं जहां इसे आप चार्ज कर सकते हैं। तो क्या हुआ अगर आप किसी अपार्टमेंट के सातवें महले भी पर रहते हैं तब भी मुश्किल नहीं होगी।
 
बात स्टाइल की: इसके आगे का मडगार्ड तथा फ्रंट का लुक काफी आकर्षक है। इंडीकेटर लाइट रात में इसका आकर्षण और बढ़ा देती है। इसे चलाते हुए मेरे साथ एक वाकया हुआ जो आपके साथ शेयर कर रहा हूं, स्कोडा में जा रहे नेशनल हाईवे 24 के कुछ लोगों ने अपनी स्पीड कम करके थोड़ी देर साथ चले फिर सवाल किया कि भाई साहब इसकी बैट्री कितनी देर चलती है? इससे साफ पता चलता है इस स्कूटर पर की गई डिजाइन इसके कम स्पीड की कमी नहीं खलने देती। इसमें बाइक की तरह दो स्टैंड लगाए गए हैं। एलॉय व्हील इस पर खूब जंचते हैं। स्कूटर का कट लाजवाब है।
कोई रजिस्ट्रेशन नहीं: अरे रुको! तुम्हारा हेलमेट कहां है? कहां जा रहे हो? लाइसेंस दिखाओ? ये सभी सवाल बस कुछ ही सेकंड में नोएडा के एक रेड लाइट पर ट्रैफिक पुलिस वाले मेरे पर दाग दिए। मैंने थोड़ी देर उसे समझाया कि इस ई-स्कूटर में इन सबकी जरूरत नहीं होती। किसी तरह से वो जाकर माना। पर आप डरिए मत जब आप इसे खरीदेंगे तो आपको कंपनी एक कार्ड देगी जिसे दिखाने पर पुलिस वाले आपको दुखी नहीं करेंगे। कम स्पीड होने के नाते इस पर हेलमेट की जरूरत भी नहीं रह गई है। गाड़ी के साथ कंपनी इसका इंश्योरेंस करवाकर देगी। 

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