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‘अवतार’ में तकनीक का खेल

हाल में आई अंग्रेजी फिल्म ‘अवतार’ में कंप्यूटर इफेक्ट्स और थ्रीडी तकनीक को देखकर दुनिया हैरान है। फिल्म के निर्देशक जेम्स कैमरून ने दस वर्ष पूर्व इस फिल्म की परिकल्पना तैयार की थी और वह चाहते थे कि इसका असर ऐसा हो कि दर्शक न केवल फिल्म देखें, बल्कि खुद को फिल्म का हिस्सा ही बना लें। लिहाजा, उन्होंने विन्स पेस और पैट्रिक कैम्पबेल के साथ पेस/कैमरून फ्यूजन कैमरा सिस्टम की नींव रखी जो इनसान की आंख की ही तरह इमेज कैच करती थी। कंप्यूटर की दुनिया में उतरने के लिए कैमरून ने हैंड हैल्ड कैमरा का इस्तेमाल किया।
स्टेज का निर्माण : सेट के आकार के आधार पर 72 से 96 कैमरों का व्यूह बनाया गया जिन्हें साउंड स्टेज की परिधि में टांग दिया गया। बाद में, स्टूडियो की दीवारों, फर्श और छत कंप्यूटर के जरिए दिखाई जाती हैं जिसमें थ्रीडी पर्यावरण दिखाई देता है।
फिल्मांकन: अभिनेताओं को इंगित करते धब्बे हिलते दिखते हैं जबकि कैमरा ग्रिड उनका फिल्मांकन करता है। एक कंप्यूटर धब्बों की मूवमेंट रिकॉर्ड करता है, उनकी स्थिति का त्रिआयामी जायजा लेता है और डाटा बिंदुओं को वायर-फ्रेम में एकत्र करता है जैसा ‘अवतार’ में दिखाया गया है।
थ्रीडी में शूटिंग: इसके बाद कैमरून ने असली अभिनेताओं को फिल्माया ताकि वह वचरुअल थ्रीडी वर्ल्ड के अभिनेताओं के समकक्ष लगें। आकार के कारण दोनों कैमरों को दूर रखा जाता था और उनसे सीधी रेखा में ही तस्वीरें ली जा सकती थीं। फ्यूजन कैमरा में दो कैमरा होते हैं, लेकिन छोटे हाई-डेफिनिशन डिजिटल इमेज सेंसरों से, लैंस एकसाथ रखे जा सकते हैं। लैंसों की लाइन इतनी एकसमान होती है कि नजदीकी शॉट्स में उन्हें एकसाथ एंगल किया जा सकता है या दूर के दृश्यों के लिए भी वह उसी तरह कारगर होते हैं यानी जिस तरह आंख देखती है।
फिल्म में पहुंचें: कंप्यूटर द्वारा छवियों को डिजिटल परिवेश में भेजने के बाद, कैमरून वचरुअल कैमरा शुरू करते हैं जो एक एलसीडी डिस्प्ले सरीखा होता है जिसमें बटन और ग्रिप वीडियोगेम जैसी होती है। उनके शुरू होते ही रेडिया और ऑप्टीकल डिटेक्टर कैमरा की लोकेशन तलाशकर उसे कंप्यूटरों तक भेजते हैं। इस विधि से कैमरून वचरुअल एक्शन का कोई भी शॉट फिल्माते हैं।
देखें फिल्म: रीयल थ्रीडी शो में एक प्रोजेक्टर एक के बाद एक बाईं और दाई आंख वाली छवियां दिखाता है, जो प्रत्येक गोलाई में विपरीत दिशा होती हैं। पोलराइज्ड चश्मों से छवि उसके असली रूप में दिखती हैं।  

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  • Web Title:‘अवतार’ में तकनीक का खेल