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पूर्वांचल के लिए मायावाती का प्रधानमंत्री को पत्र

पूर्वांचल के लिए मायावाती का प्रधानमंत्री को पत्र

उत्तर प्रदेश को विभाजित कर बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश राज्य की मांग करने वाली मुख्यमंत्री मायावती ने प्रदेश में पूर्वांचल राज्य गठित करने के लिए सहमति प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है।

प्रदेश के अतिरिक्त मंत्रिमंडलीय सचिव विजय शंकर पांडे ने संवाददताओं को यह जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में उत्तर प्रदेश का पुनर्गठन कर अलग से पूर्वांचल राज्य गठित करने के लिए सहमति प्रदान करने का अनुरोध किया है।

उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि केंद्र सरकार से सहमति प्राप्त होने पर राज्य सरकार उत्तर प्रदेश की विधानसभा से पृथक पूर्वांचल राज्य के गठन का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा देगा।
   
मायावती ने अपने पत्र में 15 मार्च, 2008 के उस पत्र का हवाला दिया है जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश को पुनर्गठित कर अलग पूर्वांचल राज्य बनाने की उनकी सरकार का मत सुनिश्चित किया है और केंद्र सरकार से इस दिशा मे संवैधानिक रूप से विहित प्रक्रिया के अनुसार कार्यवाही करने का अनुरोध किया है।

मायावती ने एक बार फिर छोटे-छोटे राज्यों के महत्व के दोहराते हुए कहा कि बेहतर प्रशासनिक प्रबंध और क्षेत्रीय जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए पूर्वांचल राज्य का गठन अब आवश्यक हो गया है।
     
उन्होंने अपने पत्र में प्रधानमंत्री से प्रदेश के विकास की गति में तेजी लाने के लिए पूर्वांचल की विकास की आवश्यकताओं को शामिल करते हुए 80 हजार करोड़ रुपए की राज्य सरकार द्वारा मांगी गई सहायता के पैकेज को शीघ्र स्वीकृत करने की भी मांग दोहराई।

नौ अक्टूबर, 2007 को लखनऊ में आयोजित एक जनसभा में सार्वजनिक रूप से पूर्वांचल को पृथक राज्य के रूप मे गठित करने का प्रबल समर्थन करने वाली बसपा अध्यक्ष मायावती शुरु से ही छोटे जिलों और राज्यों के गठन के पक्ष में रही हैं।
     
उल्लेखनीय है कि मायावती ने जनसभा मे कहा था कि अगर केंद्र सरकार पूर्वांचल को अलग राज्य बनाने के प्रस्ताव पर सहमति देती है, तो बसपा की प्रदेश सरकार पूर्वांचल के गठन का प्रस्ताव प्रदेश की विधानसभा से पारित कर तत्काल केंद्र को भेज देगी।

मायावती पहले भी कह चुकी हैं कि आबादी और क्षेत्रफल के हिसाब से उत्तर प्रदेश काफी बड़ा राज्य है और इसलिए बेहतर प्रशासनिक प्रबंध और क्षेत्र की जनता की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए पृथक पूर्वांचल राज्य का गठन किया जाना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी की सरकार भी इस मांग से पूरी तरह सहमत है।

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  • Web Title:पूर्वांचल के लिए मायावाती का प्रधानमंत्री को पत्र