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मोहर्रम के जुलूसों की वीडियोग्राफी करायेगा पुलिस प्रशासन

मोहर्रम के अवसर पर शहर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला और पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, मोहर्रम में चूंकि शहर के विभिन्न इलाकों से जुलूस निकलते हैं इसलिए इन जुलूसों की वीडियोग्राफी करने के निर्देश दिए गए हैं साथ ही इन जुलूसों में सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी चलेंगे ताकि गड़बड़ी फैलाने वालों पर नजर रखी जा सकें।

कानपुर के डीआईजी बीपी जोगदंड ने बताया कि मोहर्रम का महीना शुरू हो गया है। इस अवसर पर पहली से दस तारीख तक शहर के विभिन्न इलाकों से जुलूस और ताजिये निकलते हैं तथा जगह-जगह पर अपने गम का इजहार करने के लिए मजलिसों का भी आयोजन किया जाता है। चूंकि कानपुर में मुसलमानों की संख्या काफी अधिक है और यह एक संवेदनशील शहर की श्रेणी में आता है इसलिए यहां सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि शहर के विभिन्न मुस्लिम बहुल इलाकों से मोहर्रम की पहली तारीख से दस तारीख यानि 28 दिसंबर तक अलम और ताजिये के जुलूस निकलेंगे। इन जुलूसों में अक्सर शरारती तत्वों द्वारा गड़बड़ी फैलाने की आशंका बनी रहती है। इसलिए पुलिस प्रशासन ने सभी थानो के थानाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने अपने इलाके के निकलने वाले जुलूसों की वीडियोग्राफी करायें ताकि अगर किसी जुलूस में कोई गड़बड़ी हो तो बाद में वीडियो रिकार्डिंग की मदद से शरारती तत्वों की पहचान की जा सके।

डीआईजी जोगदंड ने कहा कि इसके अतिरिक्त शहर में पैगियों के जुलूस भी निकलते हैं। पुलिस प्रशासन की योजना है कि इस जुलूस में कुछ पुलिस कर्मियों को सादे कपड़ों में शामिल किया जाए ताकि किसी गड़बड़ी की आशंका पर तुरंत उन पर काबू पाया जा सकें।

इसके अतिरिक्त शहर के सभी मुख्य करबलाओं जहां मोहर्रम की दसवीं तारीख को ताजिये दफन किए जाते हैं वहां पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं ताकि इन पवित्र स्थानों पर अगर कोई शरारती तत्व गड़बड़ी करने की कोशिश करें तो उसे पकड़ा जा सके।

डीआईजी के अनुसार शहर में सभी पुलिस स्टेशनों का पुलिस बल तो एलर्ट रहेगा ही साथ ही साथ प्रदेश मुख्यालय से भी अतिरिक्त पुलिस बल मंगाया गया है तथा चार कंपनी पीएसी और एक कंपनी आरएएफ की हमें मिल भी चुकी है।

शहर के संवेदनशील स्थानों की सूची बना ली गई है तथा उन इलाको में पीएसी और आरएएफ ने प्रतिदिन शाम को फ्लैग मार्च शुरू कर दिया है तथा इन संवेदनशील इलाकों के पुलिसकर्मियों को भी हाई एलर्ट पर रहने के निर्देश दे दिये गए हैं। उन्होंने बताया कि रात के समय इन इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है तथा संदिग्ध व्यक्तियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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