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क्रिसमस की धूम की शुरूआत होती है कैरल सिंगिंग से

क्रिसमस के करीब आते ही घर—घर में कैरल सिंगिंग की धूम मचनी शुरू हो जाती है। क्रिसमस की पहचान बनी कैरल सिंगिंग युवाओं के साथ बच्चे भी बढ़—चढ़कर भाग लेते हैं। क्रिसमस के त्योहार में कैरल सिंगिंग की परंपरा सबसे अहम मानी जाती है।

क्रिसमस के कई दिन पहले से युवाओं का समूह घर—घर जाकर कैरल सिंगिंग का आयोजन करता है। इस दौरान साथ में एक सैंटा क्लॉज को ले जाते हैं, जो इसका मुख्य आकर्षण होता है। कैरल सिंगिंग क्रिसमस की पहचान है, जिसके माध्यम से ईश्वर के संदेश को घर—घर तक पहुंचाया जाता है।

लोगों का मानना है कि इससे ईश्वर के संदेश से धरती पर रह रहे लोगों को अवगत कराया जाता है। अब युवा अपने समूह में कुछ प्रोफेशनल लोगों को भी शामिल कर रहे हैं, वह लोग एक बैंड के सदस्य होते हैं। उन्हें शामिल करने का उद्देश्य देर रात में कैरल सिंगिंग के दौरान पार्टी का अनुभव करना होता है। यह धार्मिक परंपरा अब उल्लास का प्रतीक बन गया है।

 

 

 

 

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  • Web Title:क्रिसमस की धूम की शुरूआत होती है कैरल सिंगिंग से