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चपरासी की नौकरी छोड़ बना ठग

गिरफ्त में आए करीब 28 वर्षीय सचिन का शातिराना अंदाज जानकर पुलिसकर्मियों ने भी दाँतों तले उंगलियां दबा ली। कुछ माह पूर्व तक आईआईटी रूड़की में चपरासी की ड्यूटी करने वाले सचिन ने एटीएम बूथ को कारोबार बनाकर एशो-आराम का हर सामान खरीद डाला। यहीं नहीं हरियाणा के वाशिंदे को ठगकर लग्जरी कार भी कब्जे में ले ली। पुलिस का मानना है कि सचिन के कारनामों की लिस्ट लम्बी हो सकती है।


वीरवार को हरकी पौड़ी क्षेत्र के रहने वाले कांग्रेसी नेता ने ही पीडब्ल्यूडी कालोनी रूड़की के रहने वाले सचिन कुमार को नगर कोतवाली पुलिस को सौंपा था। आरोप था कि कुछ समय पूर्व एटीएम कार्ड का प्रयोग करते समय सचिन ने उसे करीब दस हजार की चपत लगा दी थी। पुलिस ने पूछताछ करने पर जब हकीकत सामने आई तो सब सन्न रह गए। शातिर सचिन ने अब तक डेढ़ दर्जन से अधिक एटीएम कार्ड से करीब एक लाख रूपए से अधिक की रकम निकालना स्वीकार किया। वर्तमान में हरियाणा के करनाल शहर में एक मोबाइल फोन कम्पनी में कार्यरत सचिन ने एक स्थानीय निवासी को ठगकर लग्जरी कार भी ले ली।

सीओ सिटी पंकज भट्टबताते हैं कि एटीएम से निकाली गई रकम से सचिन ने घर का सारा सामान खरीदा है। सचिन के पिता पीडब्ल्यूडी विभाग में कार्यरत है जबकि भाई आईआईटी में इंजीनीयर है। सचिन ने जिले में करीब डेढ़ दजर्न घटनाओं को अंजाम देना स्वीकारा है। उसने पास से सात एटीएम कार्ड, एक लेपटॉप व एक कार बरामद हुई है। मामले अधिक भी हो सकते हैं जिनकी जांच-पड़ताल जारी है।

इट्स माय स्टाइल
दो माह से एटीएम बूथ को धंधा बना चुका सचिन बड़े ही अंदाज से कार्य को अंजाम देता था। उसने निशाने पर एटीएम कार्ड का सही ढंग से प्रयोग न कर पाने वाले ही रहते थे। आत्म विश्वास से लबरेज होकर सचिन एटीएम कार्ड धारक की दिक्कत हल करने की बात कहता था।


इसके बाद धीमी प्रकिया अपनाकर एटीएम खराब होने या एटीएम में रकम न होने की बात कहकर एटीएम कार्डधारक को वापस लौटा देता था। कार्ड धारक के बूथ से जाते ही धीमी प्रकिया को तेजी में तब्दील कर रकम निकाल लेता था।

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