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घोषणापत्र जल्द आने की उम्मीद, विकासशील देशों ने कहा बहानेबाजी

घोषणापत्र जल्द आने की उम्मीद, विकासशील देशों ने कहा बहानेबाजी

राजनयिकों ने शुक्रवार को कहा कि जलवायु परिवर्तन पर संभावित घोषणा का मसौदा लगभग तैयार है, जबकि भारत तथा अन्य विकासशील देशों को शक है कि रात में हुई चर्चा बहानेबाजी है और तैयार दस्तावेज कुल मिलाकर वही है जो डेनमार्क पहले ही तैयार कर चुका है।

28 देशों के नेताओं और मंत्रियों ने डेनमार्क के प्रधानमंत्री और कान्फ्रेंस ऑफ पार्टीज (सीओपी) के अध्यक्ष लार्स लोके से मुलाकात के बाद संभावित मसौदे का खाका तैयार करने के लिए रात में बैठक की और घोषणा की गई कि डेनमार्क द्वारा तैयार किए जा रहे पहले प्रारूप को जल्द ही पेश किए जाने की उम्मीद है।

हालांकि चर्चा शुक्रवार सुबह तक जारी रही, वहीं दूसरी ओर भारत तथा जी-77 देशों को इस बात की आशंका है कि यह दिखाने की कोशिश की जा रही है कि हर किसी से चर्चा की गई। नाराज दिख रहे पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने `बेसिक' देशों के साथ बैठक के लिए रवाना होते समय प्रधानमंत्री के साथ हुई बैठक का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रदर्शित करने के लिए सबकुछ पहले से ही प्रबंधित है कि उन्होंने हर किसी से चर्चा की है।

विकासशील देशों को शक है कि मूल मसौदा अन्य विकसित देशों के साथ डेनमार्क द्वारा पहले ही तैयार किया जा चुका है।

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