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कृषि क्षेत्र में की जाएगी बिजली की बचत

डीएचबीवीएन अब बिजली बचत के तरीके खोजने लग गया है। इसके तहत अब विभाग की नजर कृषि क्षेत्र पर टिकी हुई है। प्राइवेट कंपनियों की मदद से तीन जिलों में पॉयलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। जिसमें कृषि फीडरों पर बिजली की बचत की जाएगी। इसके तहत टय़ूबवेलों पर मशीन व अन्य उपकरण आईएसआई मार्का लगाए जाएंगे। गुड़गांव, फरीदाबाद व सिरसा से इसकी शुरूआत होगी। इसके लिए कृषि क्षेत्र के 5-5 फीडर चिन्हित किए जाएंगे। जिन पर लाइन लॉस सबसे अधिक हैं।


डीएचबीवीएन के एमडी अनुराग अग्रवाल ने हिन्दुस्तान को बताया कि कृषि क्षेत्र से संबंधित कई ऐसे फीडर हैं, जहां लाइन लॉस काफी अधिक है। निगम ने इस लाइन लॉस को कम करने की योजना बनाई है। तीन जिलों में यह योजना अगले छह महीने में शुरू कर दी जाएगी। भारत सरकार की ब्यूरो ऑफ एनर्जी ऐफिसिएंसी की ओर से प्रत्येक जिले के 5-5 फीडर पर एनर्जी ऑडिट कराई जाएगी। फीडर वाइज मीटर लगाकर यह देखा जाएगा कि उस फीडर पर कितनी बिजली बर्बाद हो रही है। इसका जिम्मा निजी कंपनियों को सौंपा जाएगा। ये कंपनियां फीडरवाइज लाइन लॉस कम करने के बारे में जांच-पड़ताल करेंगी। इस दौरान कृषि टय़ूबवेलों पर आईएसआई मार्का की बिजली मोटर व अन्य उपकरण लगाए जाएंगे। इसका खर्चा उक्त कंपनी की ओर से किया जाएगा। इसके बाद यह पता लगाया जाएगा कि आईएसआई की मोटर व अन्य उपकरण लगाने से बिजली की बचत कितनी हुई। फरीदाबाद के अधीक्षण अभियंता जेबी मुद्गिल ने बताया कि निगम की यह योजना काफी कारगर साबित होगी। कृषि क्षेत्र में लाइन लॉस अधिक होने का सर्वाधिक कारण आईएसआई की मोटर इस्तेमाल न करना होता है। यह योजना केवल कृषि फीडर पर ही है।

सरकार के पास विचाराधीन है पुलिस थानों का मामला
बिजली चोरी रोकने के लिए निगम में अलग से थाने बनाए जाने का मामला अभी सरकार के पास विचाराधीन हैं। डीएचबीवीएन के एमडी अनुराग अग्रवाल ने माना कि बिजली चोरी रोकने के लिए अलग से थाने बनाए जाने हैं। सरकार इस पर विचार कर रही है। बिजली की बचत करने के लिए लाइन लॉस कम करना बेहद जरूरी है। उन्होंने माना कि बिजली मीटर की कमी के चलते भी लाइन लॉस बढ़ रहा है। इस कमी को दूर करने के लिए जल्द बिजली मीटर मंगाए जा रहे हैं। इसका आर्डर दे दिया गया है।

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