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गाजियाबाद के गरीबों को नहीं मिली चीनी

गाजियाबाद और नोएडा के गरीब महाराष्ट्र से आने वाली चीनी का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन अभी तक उन्हें चीनी नसीब नहीं हो पाई। जबकि पड़ोसी जिले में मराठी चीनी मिल खेप पहुंच गई है।


चीनी के दाम आसमान छूने पर चीनी मिलों ने सरकार को सस्ती दर पर चीनी देने से इनकार कर दिया। इस कारण बीपीएल और अंत्योदय कार्ड धारकों को तीन माह से चीनी नहीं मिल पा रही। सितंबर से दिसंबर तक केवल एक महीने ही गरीबों को सस्ती चीनी नसीब हो पाई है। प्रदेश में चीनी नहीं मिलने पर सरकार ने महाराष्ट्र से 16 हजार मीट्रिक टन चीनी महाराष्ट्र से मंगाने का आदेश दिया था। इसमें से गाजियाबाद में भी 1420 कुंतल चीनी की खेप आनी थी। बागपत, सहारनपुर, बुलंदशहर जिलों में तो महाराष्ट्र की चीनी आ गई है और उसके बीपीएल व अंत्योदय कार्डधारकों को बांट दिया गया है। पर गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर जिलों के गरीबों को यह चीनी अभी तक नसीब नहीं हो पाई है। वरिष्ठ विपणन निरीक्षक हरिमोहन सिंघल ने बताया कि अभी तक महाराष्ट्र की चीनी गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर जिलों में नहीं आई है। चीनी आते ही उसे राशन डीलरों को आवंटित कर दिया जाएगा। कई पड़ोसी जिलों में महाराष्ट्र की चीनी आ चुकी है। पूर्ति विभाग इसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज चुका है

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