class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

वेस्ट यूपी को अलग राज्य बनाने की मांग को लेकर तेज होगा आंदोलन

नये साल में पश्चिम उप्र को अलग राज्य बनाने की मांग को लेकर आंदोलन तेज होना तय है। हालांकि रणनीति की घोषणा 21 दिसंबर को चेम्बर ऑफ कामर्स में होने वाली बैठक के बाद की जाएगी।

वैसे हरित प्रदेश निर्माण संघर्ष समिति ने कुछ संगठनों द्वारा मेरठ को उप राजधानी और वेस्ट यूपी को दिल्ली में मिलाने की मांग को साफ तौर से खारिज कर दिया है। समिति का कहना है कि वेस्ट यूपी का विकास केवल अलग प्रदेश बनने से ही हो सकता है।

समिति ने अलग प्रदेश के मुद्दे पर विचार के लिए सपा छोड़ सभी दलों और संगठनों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित करने और विचार प्राप्त करने का ऐलान किया है। अलग प्रदेश के लिए अब हड़ताल और रास्ता रोको जैसे कार्यक्रम पर भी संगठन की ओर से निर्णय लिया जा सकता है।

मंगलवार को स्थानीय बच्चा पार्क स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया स्मारक संस्थान में हरित प्रदेश निर्माण संघर्ष समिति के पदाधिकारियों की बैठक हुई। जिसमें वक्ताओं ने साफ कहा कि उनका संगठन बिल्कुल अराजनैतिक है और रहेगा। हरित प्रदेश का मतलब वेस्ट यूपी की हरियाली से है।

वक्ताओं ने इसे ‘जाटों का आंदोलन’ मानने से भी इंकार कर दिया। वक्ताओं ने कुछ संगठनों द्वारा मेरठ को उप राजधानी बनाने की वकालत किये जाने पर कहा कि किसी क्षेत्र का विकास देश के किसी राज्य में उप राजधानी बनाकर नहीं हुआ है। इस मांग का कोई मतलब नहीं है।

दिल्ली में मिलाने की मांग पर कहा गया कि पश्चिम उप्र राज्य का गठन संवैधानिक दायरे में हो संभव है। उप्र अथवा देश के किसी भाग को दिल्ली में मिलाने की अब तक न तो संविधान में कोई व्यवस्था है और न ही संभव है। कुछ संगठनों के स्तर से यह प्रचारित किये जाने पर कि अलग प्रदेश बनने से मुसलमानों का बाहुल्य हो जाएगा को भी संघर्ष समिति ने खारिज कर दिया।

समिति ने अब वेस्ट यूपी के सभी दलों, सांसदों, विधायकों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में अलग राज्य बनाने को लेकर जोर देने की अपील की है। आंदोलन की पूरी रणनीति 21 दिसंबर को चेम्बर ऑफ कामर्स में होने वाली विचार गोष्ठी में तय होगा।

बैठक में संघर्ष समिति के सचिव पूर्व विधायक सोहनवीर सिंह तोमर, चेम्बर ऑफ कामर्स के प्रतिनिधि सुरेन्द्र प्रताप, पश्चिमी उप्र राज्य निर्माण मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र शर्मा, मेजर हिमांशु, अमेरिका में फ्रेंण्डस ऑफ हरित प्रदेश के साहब सिंह तोमर, जगत सिंह एडवोकेट, सुरेन्द्र साहनी, अनिता सैनी आदि ने विचार रखे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:अलग राज्य के लिए तेज होगा आंदोलन