class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

प्राइवेट स्कूलों की कसेंगे नकेल

शिक्षा राज्यमंत्री गोविन्द सिंह बिष्ट ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर कैरन हिल्टन समिति की रिपोर्ट सरकार को प्राप्त हो गई है। इस पर जल्द ही एक्शन लिया जाएगा। राज्य सरकार इस शिक्षा सत्र में प्रत्येक प्राइवेट विद्यालय में 25 प्रतिशत गरीब बच्चों को प्रवेश देने के लिए प्रस्ताव लाएगी।

रविवार को पत्रकारों से बातचीत में शिक्षा राज्यमंत्री बिष्ट ने बताया कि कैरन हिल्टन समिति की शिक्षा संबंधी रिपोर्ट सरकार को मिल चुकी है। उस पर विचार-विमर्श चल रहा है।

उन्होंने बताया कि प्राइवेट स्कूलों की फीस, डोनेशन आदि को लेकर चल रही मनमानी पर रोक लगाने के लिए सरकार गंभीरता से विचार कर रही है।

सरकार जल्द ही इस बाबत ठोस दिशा-निर्देश जारी करने जा रही है। उन्होंने कहा कि सीबीएसई के दिशा-निर्देशों की इस बोर्ड से जुड़े जिस विद्यालय ने भी अवहेलना की, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

25 प्रतिशत गरीबों के बच्चों को निजी स्कूलों में एडमीशन दिलाने को लेकर सरकार ठोस प्रयास करने जा रही है जिसे लेकर शिक्षा सत्र में ठोस प्रयास किये जाएंगे।

प्राइमरी स्कूलों के बच्चों को स्कूल में ठंड से बचाने के लिए सरकार इसी महीने में स्कूलों की मांग के मुताबिक उन्हें जरूरी सामाग्री उपलब्ध करा देगी। सीबीएसई के पैटर्न को राज्य में पूरी तरह से लागू करने के लिए सरकार गंभीरता से प्रयास कर रही है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:प्राइवेट स्कूलों की कसेंगे नकेल