class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

फुटकर शराब व्यापारियों ने मोर्चा खोला

राजधानी में शराब की थोक बिक्री करने वाली कम्पनी के खिलाफ फुटकर शराब व्यापारियों ने मोर्चा खोल दिया है। पहले डालीगंज में प्रदर्शन कर विरोध व्यक्त कर चुके व्यापारियों ने सोमवार को प्रेसवार्ता कर थोक विक्रेता पर सरकार का करोड़ों रुपए राजस्व डकारने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि अगर उन्हें देशी, विदेशी शराब व बियर की समुचित आपूर्ति न की गई तो वह जल्द ही राज्यपाल का दरवाजा खटखटाने के लिए मजबूर हो जाएँगे। लखनऊ शराब एसोसिएशन के महामंत्री कन्हैया लाल मौर्य ने सोमवार को पत्रकारों से कहा कि फौना एण्ड फिलोरा प्राइवेट लिमिटेड से उन्हें अच्छे ब्रांड की शराब नहीं मिल पा रही है।

कम्पनी के मालिक वह शराब अपनी दुकानों पर बेचकर उन्हें घाटा उठाने पर मजबूर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कम्पनी के मालिकों के उत्पीड़न से फुटकर शराब व्यापारी तंग हैं। वह चेक के बजाय ड्राफ्ट पर माल देने की बात कहकर व्यापारियों को परेशान करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

एसोसिएशन अध्यक्ष एसपी सिंह व पवन सिंह ने कहा कि कम्पनी थोक में जिस माल की आपूर्ति लखनऊ में किया जाता है दरअसल वह उसकी इनवाइस काटकर माल अन्य जिलों में भेज देते हैं। व्यापारियों को टीसीएस माफ करके 20 रुपए प्रति पेटी की छूट पर सभी ब्रांड का माल देने का लालच दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि विशेष जोन की बिक्री कृत्रिम रूप से बढ़ाकर लखनऊ को भी एक विशेष जोन बनाए जाने की साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे सरकार को रोजाना करीब 10 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

एसोसिएशन नेताओं ने राजस्व चोरी की निष्पक्ष जाँच कराने की माँग की। इस दौरान उनके साथ संजय जायसवाल, रमेश जायसवाल, विनोद शुक्ल, अनिल अग्रवाल व विजय प्रताप सिंह सहित कई एसोसिएशन नेता भी मौजूद थे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:फुटकर शराब व्यापारियों ने मोर्चा खोला