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3जी पर घमासान जारी, लेकिन 4जी का आगाज

3जी पर घमासान जारी, लेकिन 4जी का आगाज

देश में भले ही 3जी स्पैक्ट्रम की निलामी को लेकर खूब हंगामा हो रहा हो, लेकिन रविवार को चौथी पीढ़ी की वाईमैक्स सेवा का शुभारंभ केन्द्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री सचिन पायलट ने कर दिया।

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने दूर दराज के क्षेत्रों और गांवों को इन्टरनेट से जोड़ने के लिए देश की पहली वायरलैस ब्रॉडबैण्ड सेवा (वाईमैक्स) शुरू की है।

केन्द्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री सचिन पायलट ने रविवार को राजस्थान के अजमेर जिले के पीसागन गांव में इस तकनीक का उद्घाटन कर इसे राष्ट्र को समर्पित किया। इस तकनीक से ग्रामीण क्षेत्रों में कॉमन सर्विस सेंटर के 15 किलोमीटर के दायरे में ब्रॉडबैण्ड की (एमबीपीएस) की स्पीड हासिल की जा सकेगी। यह चौथी पीढी़ की दूरसंचार सेवा है जिससे दूरदराज के इलाके भी लाभान्वित हो सकेंगें।

पायलट ने इस मौके पर कहा कि यह तकनीक भारत के गांवों को विश्व के ब्रॉडबैण्ड मानचित्र पर लाने में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि इससे शहरों और गांवों को जोडने में मदद मिलेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में टेलीफोन घनत्व बढे़गा।

बीएसएनएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक कुलदीप गोयल ने कहा कि यह तकनीक ऐसे क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगी जहां न तो अभी बुनियादी फोन की सुविधा है और न मोबाइल नेटवर्क ही काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह तकनीक राज्य सरकारों की ई-गर्वनेस परियोजनाओं से जुडे़ कार्यों के लिए विशेष रूप से कारगार साबित होगी। इससे कॉमन सर्विस सेन्टर पर सभी तरह के बिलों का भुगतान, जन्म प्रमाण पत्र, भूमि संबंधित रिकार्ड, वाहनों के रजिस्ट्रेशन आदि कामों के लिए हाई स्पीड की ब्रॉडबैण्ड कनेक्टिविटी हासिल हो सकेगी। इससे दूर चिकित्सा और दूर शिक्षा के क्षेत्र में विडियो कॉन्फ्रेंन्सिंग भी की जा सकेगी। इसके अलावा ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैण्ड कनेक्टीविटी उपलब्ध कराएगी। इस तकनीक से दूरदराज के क्षेत्रों में बैंक एटीएम और रेलवे आरक्षण केन्द्रों को भी जोडा़ जा सकेगा।

बीएसएनएल गांवों में यह तकनीक 140 रुपए प्रतिमाह की शुरुआती दर पर उपलब्ध करा रहा है। पहले चरण में देश भर में एक हजार ब्लॉकों को इसके दायरे में लाया जाएगा, जिसमें राजस्थान के 32 ब्लाक मुख्यालयों के 11500 कॉमन सर्विस सेंटरों को इसके दायरे में लाया जाएगा।

भारत सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से चलाई जाने वाली इस परियोजना के लिए बीएसएनएल ने इंटेंल कंपनी से एम्बेडेड चिप्स उपलब्ध कराने के लिए एक करार भी किया है। बीएसएनएल जल्द ही इस परियोजना को शहरी क्षेत्रों में भी शुरू करेगी। गौरतलब है कि यह तकनीक जापान, ताईवान, मलेशिया और कोरिया में सफलतापूर्वक काम कर रही है।

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