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तीन दिन में भी नहीं मिली जांच रिपोर्ट

जिले से स्वाइन फ्लू नियंत्रण कक्ष के हालात यह है कि सैंपल लिए जाने के बाद तीन दिन बाद भी जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। सीएमओ इस मामले को गंभीरता से लेने को तैयार नहीं है। मामला एक दो साल के मासूम का है। जिसके परिजन पिछले दस दिनों से परेशान है। इसकी हालत लगातार गंभीर बताई जा रही है।

स्वाइन फ्लू के मामले में सीएमओ लीपापोती करने में लगे हैं। किसी भी मामले को वह अपने जिले का मानने को तैयार नहीं है। दस नवंबर को जिला अस्पताल में दो साल के बच्चों का सैंपल लिया गया लेकिन अभी तक उसकी रिपोर्ट नहीं मिल सकी है।

जबकि प्राइवेट लैंब अगले दिन ही रिपोर्ट दे रही हैं। लेकिन सीएमओ को इससे कोई फर्क नहीं पड़ा। उनका कहना है कि दिल्ली से रिपोर्ट आने में देर हो रही है तो इसमे वह कुछ नहीं कर सके। बच्चों के परिजनों का कहना है कि बच्चों मे लक्षणों को देखने से उसको स्वाइन फ्लू बताया जा रहा है।

रिपोर्ट न आने के कारण उसका इलाज स्वाइन फ्लू का नहीं बल्कि नियोमोनिया का किया जा रहा है। इतना जरूर है कि बिना जांच रिपोर्ट के सीएमओ ने बच्चों को पहल ही स्वाइन फ्लू की दवा देने के  आदेश कर दिए हैं।
वहीं दूसरी ओर, स्कूलों को बंद कराने को लेकर भी उनका रवैया बड़ा ही बेरूखा है, जबकि जिलाअधिकारी आर.रमेश कुमार इस मामले को गंभीरतासे लेकर उन्हे कड़ी फटकार लगा चुके हैं।

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