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ग्रामीण विकास और क्रिकेट एक दूसरे के पूरक

क्रिकेट कारोबार के जानेमाने नाम व आईपीएल के अध्यक्ष और कमिश्नर ललित मोदी को राजस्थान क्रिकेट एसोसियशन के चुनाव में पटखनी देकर केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री सीपी जोशी ने अपनी नई पारी की शुरुआत की है। राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष व केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जोशी इस एक और पद की नई जिम्मेदारी को लेकर काफी उत्साहित हैं। उनका कहना है कि वे क्रिकेट के मैदान में यूं ही नहीं उतरे हैं। उन्होंने गांव से लेकर कॉलेज तक खूब क्रिकेट देखा व खेला है। इसलिए उन्हें पूरा विश्वास है कि वे क्रिकेट को नये क्षितिज तक पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। वे ग्रामीण विकास मंत्रालय तथा क्रिकेट को भी एक दूसरे का पूरक मानते हैं। जीत के तुरंत बाद सी पी जोशी से रूबरू हुए विशेष संवाददाता विजेन्द्र रावत-

केन्द्र में मंत्री, राज्य में कांग्रेस अध्यक्ष अब राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष, लगातार प्रगति व जीत से आप कितने उत्साहित हैं?
देखिये, राजनीति में हार-जीत एक ही सिक्के के दो पहलू होते हैं। इसलिए हार से न निराश होना चाहिए और न जीत से उत्साहित। बस, अपना काम पूरे लगन से करते रहना चाहिए। आज से ठीक एक साल पहले मैं विधानसभा चुनाव में मात्र एक वोट से हार गया था। मैं निराश नहीं हुआ काम करता रहा और उसके एक साल बाद मैं आपके सामने यहां हूं।
आपका क्रिकेट के प्रति कोई लगाव रहा है?
जी हां, मैने बचपन में गांव की गलियों में खूब क्रिकेट खेला, 1964 में उदयपुर के एमबी कॉलेज में आया तो वहां भी खूब मैच देखा तथा खेला। अब क्रिकेट के विकास की जिम्मेदारी आई है तो उसे मजबूती से निभाया जाएगा।
आपके कंधों पर क्रिकेट के विकास की नई जिम्मेदारी आ गई। क्या इसके लिए अब तक कोई रणनीति बनाई है?
रणनीति साफ है, राजस्थान क्रिकेट को आगे बढ़ाना है। इस खेल के लिए ढांचागत सुविधायें जुटाना मेरी पहली प्राथमिकता होगी।
आपके पास ग्रामीण विकास मंत्रालय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, मंत्रालय के काम व क्रिकेट में तालमेल कैसे बिठायेंगे?
मैं ग्रामीण विकास मंत्रालय तथा क्रिकेट को एक दूसरे का पूरक मानता हूं। निश्चित ही राजस्थान क्रिकेट को इसका फायदा मिलेगा। प्रदेश में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना (नरेगा) के तहत चलने वाले कामों से गांवों में खेल के मैदानों का निर्माण करवाया जा सकता है। नरेगा में 60 प्रतिशत मजदूरी तथा 40 प्रतिशत सीमेंट आदि सामग्री का हिस्सा होता है। इससे खेल मैदान बन सकते हैं। गांवों में बनने वाले इन खेल मैदानों से क्रिकेट के साथ-साथ अन्य खेलों का भी विकास होगा।
इससे गांव में बच्चों को खेलने का मौका मिलेगा, जिससे गांव की खेल प्रतिभायें भी आगे आयेंगी। चूंकि क्रिकेट देश का प्रसिद्ध खेल है इसलिए इससे क्रिकेट का निश्चित विकास होगा।
क्या आपको लगता है कि राजस्थान के पिछड़े गांव से भी क्रिकेट की प्रतिभायें आगे आ सकती हैं। इन्हें आगे लाने की आपकी क्या योजना है?
हमारे गांवों में क्रिकेट ही नहीं हर खेल की प्रतिभायें है। पूरे देश में देखें तो अब ग्रामीण परिवेश वाले लड़के विभिन्न खेलों में बड़ी संख्या में आगे आ रहे हैं। मुझ पर क्रिकेट की जिम्मेदारी है तो इसके लिए राजस्थान के गांव, ब्लाक तथा जिला स्तर पर क्रिकेट मैचों का ज्यादा से ज्यादा आयोजन किया जाएगा। मेरा प्रयास रहेगा कि राज्य में क्रिकेट में किसी प्रतिभावान बच्चे की प्रतिभा दबने न पाये।
आपके पूर्व रहे क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी के समय में राजस्थान क्रिकेट का कितना विकास हुआ?
निश्चित, ललित मोदी क्रिकेट के क्षेत्र में जाने जाते हैं। मेरा मानना है कि वे एक अच्छे मैनेजर हैं, पर वे राजस्थान के क्रिकेट के लिए कुछ ज्यादा नहीं कर पाये। वे खिलाड़ियों का अच्छा उपयोग नहीं कर पाये। इसलिए यहां प्रतिभाओं को निखारने तथा उन्हें अवसर प्रदान करने की जरूरत है।
क्रिकेट के विकास के लिये अपने विरोधियों का कितना सहयोग लेंगे?
पक्ष-विपक्ष सिर्फ चुनाव तक था। अब सबका एक ही उद्देश्य होना चाहिए, राजस्थान क्रिकेट का विकास। वे इसके लिए सबके सुझाव व सहयोग लेकर आगे बढ़ेंगे।
राजस्थान व उत्तर भारत के कई अन्य प्रदेशों में अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच कम होते हैं इससे लिए कोई योजना?
हां, अभी राजस्थान में अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच कम होते हैं, वे सुनिश्चित करेंगे कि राज्य में अधिक से अधिक मैच हों। इसके लिए सुविधाओं में जो भी कमी होगी, उसे जुटाया जाएगा। वैसे वे बीसीसीआई से बैठक के बाद ही क्रिकेट की रणनीति तैयार करेंगे।

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