class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बेटे के शव की आस में मौत की कगार पर पहुंचे मां-बाप

सऊदी अरब में काम कर रहे युवक की मौत के 20 दिन बाद भी शव घर नहीं पहुंच सका है। कागजी प्रक्रिया में लटके शव की प्रतीक्षा में बूढ़े मां-बाप मरणासन्न स्थिति में पहुंच गये हैं। शव के अंतिम दर्शन की राह ताकती पत्नी का भी बुरा हाल हो गया है। प्रशासनिक महकमे की संवेदनहीनता और लेट-लतीफी से बेटे को कंधा देने की पिता की अंतिम आस भी पूरी हो पायेगी या नहीं, इसको लेकर संशय का भाव गहराता जा रहा है।

बात हो रही है दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के जफरपुर डिहियां गांव निवासी मुसाफिर के पुत्र शिवानन्द उर्फ बबलू की। 40 वर्षीय बबलू सऊदी अरब के दम्माम में एक प्राइवेट ट्रांसपोर्ट कम्पनी में ट्रक चालक के पद पर कार्यरत था। विगत दो दिसम्बर को सऊदी अरब में कार्यस्थल पर ही बीमारी के चलते उसकी अचानक मौत हो गयी। युवक की मौत को 10 दिन से भी ज्यादा समय बीत रहा है, लेकिन उसका शव अब भी सऊदी अरब में जस का तस पड़ा हुआ है।

धीमी सरकारी प्रक्रिया के कारण शव लाने में दिन बीतते जा रहे हैं। युवक की मौत की खबर के बाद से ही परिजन पूरी तरह सदमे में हैं। बुजुर्ग माता इंद्रासनी व पिता मुसाफिर के दिल में बेटे के अंतिम दर्शन की चाहत शेष रह गयी है, जो सरकारी महकमे की लेट-लतीफी के कारण दम तोड़ती प्रतीत हो रही है। वे मरणासन्न स्थिति में पहुंच गये हैं। बबलू की युवा पत्नी की आंखों के आंसू अब भी नहीं सूख पाये हैं। दो बच्चों को साथ लेकर वह कहां जाय समझ नहीं पा रही है। पति का शव अब तक न आने से उसकी बेचैनी और बढ़ती जा रही है।

बताते हैं कि, कागजी प्रक्रिया दुरुस्त न होने से अभी मृत युवक का शव सऊदी अरब में ही अटका हुआ है। प्रशासनिक लापरवाही के कारण शव आने में विलम्ब हो रहा है। सऊदी अरब में रह रहे बबलू के मित्रों के अनुसार, कम्पनी के मालिक नासीर उल फैय्याज द्वारा बिना पोस्टमार्टम के शव भारत भेजने की अनुमति नहीं दी जा रही है, जिसके कारण मामला लटका हुआ है।

यदि प्रशासनिक स्तर पर पहल हो और शपथ पत्र भेज दिया जाय, तभी मृत युवक का शव भारत आ सकेगा। फिलहाल परिजन अपने स्तर पर शपथपत्र बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के धक्के खा रहे हैं। प्रशासन की संवेदनहीनता पर समाजसेवी संगठनों और राजनीतिक दलों का आक्रोश मुखर होने लगा है।

कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष पंकज दूबे सहित तमाम लोगों ने इस मुद्दे पर पुलिस प्रशासन की लापरवाही को कोसते हुए चेतावनी दी है कि, यदि 14 दिसम्बर तक प्रशासन ठोस पहल नहीं करता है तो 15 दिसम्बर से पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समक्ष परिजनों के साथ आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:शव की आस में मौत की कगार पर पहुंचे