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हाई ब्लड प्रेशर के शिकार हैं अधिकतर नेता

भागदौड़, समय पर खाना न खान व तला भुना ज्यादा खाने के चलते अधिकतर नेता व पार्टी कार्यकर्ता हाई ब्लड़ प्रेशर के शिकार हैं। एक ब्लड डोनेशन कैंप में 15 स्थानीय नेताओं का खून इसलिए नहीं लिया गया कि उनका रक्तचाप हाई था। चिकित्सकों की माने तो इस स्थिति में खून लेने से व्यक्ति को बAेन हेमरेज होने का खतरा बन जाता है।


पुराना बस अड्डा पर कांग्रेस्? नेता प्रदीप कुमार त्यागी (पिंटू) के श्रद्धांजली सभा पर एमएमजी की ओर से ब्लड डोनेशन कैंप लगाया गया। जहां पर 48 लोगों ने ब्लड डोनेट किया। जिला अस्पातल के चिकित्सक डा.प्रमोद कुमार के मुताबिक ब्लड लेने से पहले करीब 75 लोगों की जांच की गई। इनमे से 15 लोगों का खून इसलिए नहीं लिया गया कि उनका ब्लड प्रेशर काफी हाई था। वहीं तीन लोगों के ब्लड प्रेशन लो पाया गया। उनके मुताबिक ब्लड डोनेट करने वालों में सभी वह लोग रहे जो पार्टी कार्याकर्ता के रूप में कार्य कर रहे हैं। वहीं सभी के ब्लड ग्रुप पॉजीटिव निकले। एक व्यक्ति का ब्लड नेगेटिव निकला। लेकिन इस डोनर को रिजर्व कर लिया गया। मसूरी निवासी सलाउद्दीन की पत्नी शमीमा का हार्ड वाल्व बदला जाना है। उसको नेगेटिव खून की जरूरत हैं। अगले सप्ताह शमीमा का जीटीबी अस्पताल में आपरेशन होना है।


इस संबंध में संयुक्त जिला अस्पताल के कार्डियों फिजीशियन डा.पी.के शुक्ला का कहना है कि जिन लोगों का काम भाग दौड़ का रहता है। वह अपने खाने पीने की ओर ज्यादा ध्यान नहीं देते। तला भूने के साथ एल्कोहल भी ले लेते हैं। इस स्थिति में उनको कई प्रकार की चिंता व परेशानी घेर लेती है। जिसके कारण उनका रक्तचाप बढ़ जाता है। इस स्थिति में यदि इस प्रकार के व्यक्ति का ब्लड निकाला जाय तो उसके ब्रेन हैमरेज होने का खतरा बन जाता है। वहीं लो ब्लड प्रेशर वाले व्यक्ति को चक्कर आ जाते हैं।

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