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हाई ब्लड प्रेशर

आज के तनाव भरे जीवन में उच्च रक्तचाप सामान्य बीमारी है। शहरों में रहने वाला हर चौथा व्यक्ति इससे पीड़ित है। लोग मोटापे और तनाव का शिकार हो रहे हैं जिस कारण रक्तचाप होता है। यदि इसका समय रहते उपचार न हो तो दिल का दौरा भी पड़ सकता है। योग से यह रोग ठीक हो सकता है।

आहार : भोजन में नमक की मात्र कम करें, फलों का रस, हरी सब्जियां एवं सलाद की मात्र बढ़ाएं, तनावरहित एवं प्रसन्न रहें। वसायुक्त एवं तली चीजों का सेवन न करें। धूम्रपान-मद्यपान त्याग करें।

आसन : योगासन एवं प्राणायाम के नियमित अभ्यास से इस रोग से छुटकारा पाया जा सकता है। किसी भी कठिन आसन का अभ्यास वजिर्त है, त्रिकोणासन, पाश्र्वकोणासन, ताड़ासन, बानुशीर्षासन, सिद्धासन, पद्मासन करें।

प्राणायाम : उच्च रक्तचाप में प्राणायाम करना रामबाण का कार्य करता है। जो भी प्राणायाम करें बिना कुम्भक के करें। नाड़ीशोधन, उज्जायी, शीतली, शीतकारी प्राणायाम एवं चन्द्रभेदी प्राणायाम इस रोग में रामबाण का कार्य करते हैं।

विधि नाड़ीशोधन प्राणायाम : किसी दरी या कम्बल पर किसी भी सुखासन में कमर सीधी कर बैठें। आंखें बंद करें। बाएं हाथ को बाएं घुटने पर ज्ञान मुद्रा में रखें। दाहिने हाथ के अंगूठे से दाई नासिका को हल्का-सा दबाएं। अब बाईं नासिका से लंबा श्वास धीरे-धीरे फेफड़ों में भरें। पूरा श्वास भरने के पश्चात् अनामिका और कनिष्ठका से बाईं नासिका को बंद कर, दाहिनी नासिका से अंगूठा हटाकर पूरा श्वास दाहिनी नासिका से निकाल दें।

इसके बाद दाईं नासिका से धीरे-धीरे गहरा श्वास भरें। अब अनामिका और कनिष्ठका को बाईं नाक से हटाकर बाईं नाक से पूरा श्वास धीरे-धीरे बाहर निकालें। ऐसे एक आवृत्ति पूरी होती है। शुरू में 15 आवृत्तियां करें।

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