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संजय की मौत से आहत है पुरा परिवार

संजय की मौत से उसका परिवार पूरी तरह से टूट गया है।  वह अपने छह भाईयों में दूसरे नंबर पर था, लेकिन पिता की मौत के बाद से वही पूरे परिवार का मुख्य सहारा था। घर के किसी भी काम में उसकी राय अहम मानी जाती थी। वह अपने परिवार से बेहद लगाव रखता था। आसपास के लोगों व दोस्तों से वह काफी मिलनसार था। उसकी मौत से परिवार वाले ही नहीं बल्कि आसपास के लोग भी सदमे में हैं।


संजय के छोटे भाई दीपक ने बताया कि वैसे तो परिवार में पांच अन्य भाई हैं, लेकिन परिवार की हिम्मत संजय से ही थी। पिता देवती लाल की मौत के बाद से संजय ने ही परिवार को संभाला था। लगभग चार साल पहले उसकी शादी हुई थी और तीन साल की उसकी एक छोटी बेटी भी है। उसे यह तक नहीं पता कि उसके पिता को आखिर क्या हुआ है। पिछले चार साल से संजय इलाके में अपना केबल नेटवर्क चला रहा था। बीच-बीच में इलाके को लेकर उसकी छोटी-छोटी कहासुनी तो होती थी, लेकिन कभी भी बड़ा झगड़ा नहीं हुआ था।


संजय के कुछ दोस्तों ने बताया कि लगभग तीन माह पहले घर के पास स्थित पार्क में उसके कुछ दोस्तों ने सट्टा चलाना शुरू किया था। वह अकसर रात के समय वहां दोस्तों के साथ जाकर बैठता था। उसे नहीं पता था कि सट्टे के इस अड्डे पर ही एक दिन उसकी हत्या कर दी जाएगी। हत्या सट्टे की रंजिश में की गई या फिर केबल की यह फिलहाल जांच का विषय है। याद रहें कि लगभग तीन माह पूर्व मंगोलपुरी में भी सट्टे के अड्डे पर बच्चान नामक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने उस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

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