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अर्थव्यवस्था ने पकड़ी रफ्तार, औद्योगिक वृद्धि दर 10.3 फीसदी

अर्थव्यवस्था ने पकड़ी रफ्तार, औद्योगिक वृद्धि दर 10.3 फीसदी

सदी से सबसे बड़े वित्तीय संकट ने साल भर पहले औद्योगिक गतिविधियों का गला घोंट दिया था लेकिन अब अक्टूबर में भारत के औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर बढ़कर 10.3 फीसदी हो गई, जिससे उम्मीद बंधने लगी है कि अर्थव्यवस्था तेज रफ्तार से आगे बढ़ती रहेगी।

पिछले साल की समान अवधि के 0.1 फीसदी की वृद्धि दर के मुकाबले यह बेहतरीन वृद्धि दर है लेकिन यह शेयर बाजार को प्रोत्साहित करने में असमर्थ रहा। यह आंकड़ा आर्थिक वृद्धि दर के आश्चर्यजनक आंकड़ों के बाद आया है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के दौरान सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 7.9 फीसदी रही जिससे यह स्पष्ट होता है कि यदि आने वाली तिमाहियों में कृषि वृद्धि दर बहुत कम नहीं रही तो सुधार की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। चालू वित्त वर्ष के पहले सात महीनों में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में 7.1 फीसदी का विस्तार हुआ जो पिछले साल 4.3 फीसदी थी।

अर्थशास्त्रियों ने कहा है कि मजबूत औद्योगिक वृद्धि बेस इफेक्ट और वास्तविक सुधार दोनों के कारण हुई। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के प्रमुख सुरेश तेंदुलकर ने कहा है कि यह आंशिक तौर पर बेस इफेक्ट है लेकिन अर्थव्यवस्था में भी गति दिखती है। चालू वित्त वर्ष के दौरान हमारी आर्थिक वृद्धि दर सात फीसदी रहेगी। हालांकि यह सूखे की स्थिति पर निर्भर करता है। योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा, 10 फीसदी से अधिक की वृद्धि दर प्राप्त करना सिर्फ बेस इफेक्ट के कारण नहीं हो सकता  औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में 80 फीसदी भारांश रखने वाले विनिर्माण की वृद्धि दर 11. 1 फीसदी रही जो पिछले साल अक्टूबर में शून्य से 0.6 फीसदी कम थी। बीते वर्ष इस दौरान अमेरिकी कंपनी लीमैन ब्रदर्स के दिवालिया हो जाने के बाद पैदा हुए वैश्विक वित्तीय और आर्थिक संकट से औद्योगिक वृद्धि दर बुरी तरह प्रभावित हुई थी।

विनिर्माण में कंज्यूमर ड्यूरेबल के उत्पादन में अक्टूबर के दौरान 21 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज हुई जो पिछले साल के इसी महीने में शून्य से 1.6 फीसदी कम थी। इधर अक्टूबर के दौरान खनन् के उत्पादन में 8.2 फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई जो पिछले साल के उक्त महीने में 3.2 फीसदी और बिजली उत्पादन की वृद्धि दर 4.7 फीसदी थी जबकि पिछले साल की इस अवधि में 4.4 फीसदी थी। सितंबर की औद्योगिक वृद्धि का अंतिम आंकड़ा संशोधित कर 9.6 फीसदी कर दिया गया जबकि अस्थाई अनुमान 9.1 फीसदी का था।

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