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एक्टर न होता तो साधू बन जाता : सौरभ

एक्टर न होता तो साधू बन जाता : सौरभ

टीवी पर आने का चांस कैसे मिला?
मैं दिल्ली का रहने वाला हूं और मुंबई में जॉब के लिए आया था, लेकिन जब कहीं किसी सीरियल या शो के ऑडिशन होते थे तो मैं वहां जाकर ऑडिशन दे आता था। फिर एक दिन मुझे सेलेक्ट कर लिया गया। बस यही से एक्टिंग का सफर शुरू हो गया।

अगर एक्टर न होते तो क्या होते?
अगर मैं एक्टर न होता तो शायद साधू बन जाता। साधू बनना अच्छा रहता। इसके मजे ही कुछ और होते। कोई टेंशन नहीं होती। इतनी भागम-भाग नहीं होती।

लिव-इन रिलेशनशिप के बारे में क्या कहना है?
देखिए, ये दो लोगों की सोच पर निर्भर करता है। अगर दो लोग बिना शादी किए एक साथ एक छत के नीचे खुशी से रह रहे हैं तो किसी को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।

क्या आप फिलहाल किसी के साथ डेटिंग कर रहे है?
जी नहीं, मैं किसी के साथ डेटिंग नहीं कर रहा हूं, लेकिन हां मैं किसी को पसंद करने लगा हूं।

तो शादी कब तक करने का इरादा है?
पहले करियर बन जाए, फिर शादी के बारे में सोचूंगा। इससे पहले कोई चांस ही नहीं।

एक राज्य को छोड़ दूसरे राज्य में जाकर कमाने को मजबूर होने पर किसे दोषी मानते हैं?
मुझे ऐसा लगता है कि लोगों को जब कमाने की जरूरत महसूस होती है और वे दूसरी जगह जाकर अच्छा कमा सकते हैं तो लोग इस तरह दूसरे राज्यों में कमाने के लिए जाते हैं। इसे मजाूबरी का नाम देना और किसी को दोषी ठहराया जाना सही नहीं है। इसे कमाई के लिए स्थान परिवर्तन कहा जा सकता है, जो भारत में बहुत सामान्य-सी बात है।

महाराष्ट्र में पिछले दिनों उत्तर भारतीयों को लेकर  जो बवाल उठा था, आपकी नजर में इसकी क्या वजह रही होगी?
सच कहूं तो मुझे आज तक समझ नहीं आया कि आखिर इसकी क्या वजह रही, क्योंकि भारत में आपको कहीं भी रहने की और कमाने की आजादी है। हम सब एक हैं, सबको समान अधिकार है। ऐसे में दूसरे राज्यों से कमाने आए लोगों के साथ मारपीट और बदसलूकी करने का कारण मुझे अभी तक समझ नहीं आया।

जब आप मुंबई कमाने के लिए आए थे तो क्या उस दौरान आपने भी इस तरह की परेशानी का सामना किया था?
जी नहीं,  बिल्कुल भी नहीं, बल्कि यहां तो लोग  बहुत अच्छे  से बात करते हैं, हमारे दुख-तकलीफ में साथ आ खड़े होते हैं। मुझे मुंबई से कोई शिकायत नहीं है।

आप तो दिल्ली से हैं तो दिल्ली की कौन- सी जगह आपको बेहद पसंद है?
दिल्ली में बहुत सारी जगह हैं, जो मुझे पसंद हैं। लेकिन सबसे ज्यादा जनकपुरी और विकासपुरी मुझे पसंद हैं, क्योंकि यहां मैने अपना बचपन गुजारा है। यहां मेरे बहुत सारे दोस्त हैं, जिनके साथ मैं आज भी खूब मस्ती करता हूं, काफी एन्जॉय करता हूं।

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