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दो टूक (11 दिसंबर, 2009)

दिल्ली की पन्द्रह सौ से अधिक कच्ची कालोनियों में रह रहे चालीस लाख लोग गत डेढ़ साल से नियमित होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। लेकिन अब यह मामला एक साल के लिए टलने से उनका उदास होना लाजिमी है।

भाजपा गत विधानसभा चुनाव से प्रोविजनल सर्टिफिकेट बांटने पर सवाल उठा रही है जबकि सरकार का दावा है कि कालोनियों में विकास के काम तेजी से किये जा रहे हैं। अब लोगों के बीच यह चर्चा है कि क्या अगले चुनाव का इंतजार किया जा रहा है?

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