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संचार टावर लगाने के लिए लाईसैंस लेना होगा अनिवार्य

प्रदेश सरकार के शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने मोबाईल कंपनियों के संचार टावर लगाने के लिए सक्षम अधिकारी से लाईसैंस लेना अनिवार्य कर दिया है। इस बारे में अधिसूचना जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि अधिसूचना से पहले लगाए गए टावरों को भी दो महीने के भीतर लाईसैंस लेना होगा। अधिसूचना के अंतर्गत बनाए गए नियमों को पूरा ना करने पर टावर को तुरंत हटाने का प्रावधान है।


अब किसी मोबाईल कंपनी की ओर से निगम क्षेत्र में संचार टावर वाणिज्यिक या सार्वजनिक क्षेत्रों में लगाए जा सकते हैं। यह जानकारी उपायुक्त राजेंद्र कटारिया ने दी। उन्होंने बताया कि अगर आवासीय क्षेत्र, वाणिज्यिक व सार्वजनिक क्षेत्र में टावर लगाना संभव ना हो तो संचार टावर संरचना सुरक्षा प्रमाण पत्र की शर्त पर आवासीय भवन की छत पर लगाया जा सकता है। टावर की ऊंचाई जमीन से 30 मीटर से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इसके लिए रक्षा, नागरिक उड्डयन व दूरदर्शन प्राधिकरण से क्लीयरेंस प्रमाण पत्र लेना आवश्यक है। उपायुक्त ने बताया कि संचार टावर लगाने के लिए लाईसैंस केवल एक वर्ष की अवधि के लिए दिया जाएगा।

आवेदक को सालाना नवीनीकरण करवाना होगा। संचार टावर लगाने के लिए गुड़गांव को हाईपर पोटेन्शियल जौन में रखा गया है। इसके लिए आवेदक को 2.50 लाख रुपए की लाईसैंस फीस जमा करवानी होगी। किसी नामी संस्थान जैसे- आईआईटी दिल्ली, केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान रूड़की, राष्ट्रीय भवन सामग्री परिषद फरीदाबाद, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरूक्षेत्र, पंजाब इंजीनियरिंग कालेज चंडीगढ से संरचना ब्यूरो सहित संचार स्थिरता प्रमाण पत्र भी आवेदन के साथ लगाना आवश्यक है।

आवेदक अग्नि सुरक्षा, प्रकाश इत्यादि के लिए विशेष सावधानियां बरतेगा और अग्निशमन अधिकारी से आवश्यक अनुमति प्राप्त करेगा। जबकि संचार टावर के लिए लगाए गए जनरेटर सैट की ध्वनि व प्रदूषण की एनओसी हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से लेनी आवश्यक है। इनमें से किसी भी शर्त का उल्लंघन होने पर या लोकहित में किसी भी समय अनुमति रद्द की जा सकती है

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