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पासवान सुमदाय के लिए भी विशेष कार्यक्रम

रविदास को महादलित का दर्जा देने के बाद अब राज्य सरकार ने पासवान समुदाय के लिए भी विशेष कार्यक्रम चलाने की तैयारी शुरू कर दी है। पासवान समुदाय के सशक्तीकरण के लिए कौन-कौन सी योजनाएं शुरू की जायेंगी, इस पर राज्य महादलित आयोग से सुझाव मांगा गया है। गुरुवार को मैनुअल स्केवेंजर और उनके आश्रितों को पुनर्वासित करने के लिए कर्ज वितरण समारोह का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पासवान समुदाय की जरूरत के हिसाब से विशेष कार्यक्रम चलाने की घोषणा की। श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित कार्यक्रम में मेहतर और भंगी समुदाय के 4515 लोगों को स्वरोजगार के लिए 13.54 करोड़ रुपये कर्ज दिये गये। मुख्यमंत्री ने एससी सहकारिता विकास मिशन लि. को टर्म लोन पर ‘स्टेट गारंटी’ देने का एलान किया ताकि जरूरतमंदों को कर्ज में अधिक राशि मिल सके।


  महादलित विकास मिशन का माखौल उड़ाने वालो पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सरकार महादलितों के जीवन में सुख-समृद्धि लाना चाहती है तो कुछ लोग हम पर दलितों को बांटने का आरोप लगाते हैं। किसी को अपने परिवार, पत्नी और साला की चिन्ता हो सकती है लेकिन हमें सिर्फ बिहार के लोगों की चिन्ता है। हमारा लक्ष्य ‘न्याय के साथ विकास’ करते हुए हरेक महादलित को उसका अपना घर उपलब्ध कराना हैं। कुछ लोगों को सड़क पर नहला देने से किसी का भला नहीं हो जाता। हमने चार साल काम किया है, पांचवें साल में भी यही करेंगे। बाकी बिहार की जनता तय करेगी।’ 

  
  मुख्यमंत्री ने स्कीम फॉर रिहैवलिटेशन ऑफ मैनुअल स्केवेंजर (एसआरएमएस) के प्रति बैंकों की उदासीनता पर भी कड़ी नाराजगी जतायी। एसआरएमएस के तहत बैंकों ने 8462 में से सिर्फ 1328 लोगों को ही कर्ज दिया। मुख्यमंत्री ने इस योजना को राज्य एससी सहकारिता विकास मिशन लिमिटेड (अजाविनी) के जरिये संचालित करने की आवश्यकता जतायी। पैक्सों की तर्ज पर अजाविनी का भी पुनर्गठन किया जायेगा। उन्होंने हरेक महादलित और अनुसूचित जाति के परिवार को अगले वर्ष 1 अप्रैल-15 मई तक होने वाली जनगणना में खुद को शामिल कराने की सलाह दी। 


  अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण मंत्री जीतनराम मांङी ने अजाविनी का पैसा गबन करने वालों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिये सजा दिलाने और टर्म लोन पर स्टेट गारंटी देने की मांग की। राज्य महादलित आयोग के अध्यक्ष विश्वनाथ ऋषि ने स्वरोजगार के लिए कर्ज की बजाय हरेक महादलित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की आवश्यकता जतायी। समारोह को महादलित आयोग के सदस्य बबन रावत, अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण विभाग के सचिव डॉ.के.पी.रमैया, अजाविनी के एमडी प्रभात कुमार साह और महादलित विकास मिशन के परियोजना निदेशक एन.सरवण ने भी संबोधित किया।

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