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पीएफए के खिलाफ जांच के आदेश

हरसांव पुलिस लाइन में डीआईजी की प्रेस कांफ्रेंस के दौरान नीली बत्ती लगी सूमो कार में पंहुचे पीएफए के सदस्यों की शामत आ गई। पुलिस ने कार से बत्ती उतरवाते हुए उसमें रखी रसीद बुक भी अपने कब्जे में ले ली। डीआईजी ने पीएफए सदस्यों की गतिविधियों की जांच के आदेश दिए हैं।


गुरूवार की दोपहर पुलिस लाइन में डीआईजी अखिल कुमार कार लुटेरों के पकड़े जाने के संबंध में प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे। इसी दौरान वहां नीली बत्ती लगी सफेद रंग की टाटा सूमो कार में सवार होकर पीएफए के तीन सदस्य पंहुचे। नीली बत्ती लगी देख डीआईजी के तेवर चढ़ गए।


उनके आदेश पर पुलिसकर्मियों ने कार से बत्ती उतार ली। वहीं कार में रखी रसीद बुक भी अपने कब्जे में ले ली। डीआईजी का कहना था कि कार पर बत्ती अवैध रूप से लगी है। वहीं यह भी कहा कि समय-समय पर लोगों द्वारा पुलिस को पीएफए सदस्यों के खिलाफ गंभीर शिकायतें मिल रही हैं। डीआईजी ने जांच में दोषी पाए जाने पर पीएफए सदस्यों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच के आदेश दिए। वहीं पीएफए के गाजियाबाद रेडिंग टीम के सदस्य सौरभ गुप्ता का कहना था के सूमो कार को घायल पशुओं को अस्पताल पंहुचाने के लिए एंबुलेंस के तौर इस्तेमाल किया जाता है।

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