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प्राणायाम से ठीक होते हैं अर्थराइटिस और सिरदर्द

पतंजलि योगपीठ में चल रहे एलोपैथ, आयुर्वेद, होम्योपैथ चिकित्सकों के विशेष योग-विज्ञान शिविर का समापन करते हुए स्वामी रामदेव ने कहा कि भयग्रस्त होने से मनुष्य को एक क्षण में हृदयघात और ब्रेन हेमरेज होता है और उसकी मौत हो जाती है। निरंतर योग करने से उस एक क्षण में उसकी श्रद्धा और विश्वास उसकी जिंदगी को बचा सकते हैं।


प्रात:कालीन सत्र में स्वामी रामदेव ने कहा कि 100 प्रकार के अर्थराइटिस और 60 प्रकार के सिरदर्द प्राणायाम से ठीक होते हैं। स्वामी रामदेव और शिविरार्थी चिकित्सकों ने स्वामी सत्यानंद सरस्वती को श्रद्धांजलि अíपत की। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि स्वामी सत्यानंद सरस्वती सरल संत और रोग और अध्यात्म के विद्वान थे। उन्होंने कुंडलिनी योग, क्रिया योग और लय योग के माध्यम से देश-विदेश में योग का प्रचार किया। योग और अध्यात्म उनका ऋणी रहेगा। उन्होंने बिहार स्कूल आफ योग मुंगेर के माध्यम से योग जिज्ञासुओं की ज्ञान पिपासा शांत की। अनेक पुस्तकों का लेखन कर पुस्तकालयों को समृद्ध किया।


स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने चिकित्सकों का आह्वान किया कि चिकित्सक भगवान का रूप हेाता है, उसके लिए रोगी हित ही सवरेपरि है। योग और आयुर्वेद को अग्रणी रख कर रोगियों का उपचार करें। शिविर में चिकित्सकों ने रोगियों का अनावश्यक परीक्षण न कराने का संकल्प लिया। रामदेव और बालकृष्ण ने तीन हजार से अधिक चिकित्सकों को योग और प्रणायाम से दीक्षित किया।

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