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चारा घोटाला मामले में 48 अभियुक्त दोषी

अरबों रुपये के बहुचर्चित चारा घोटाला के एक मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने 48 अभियुक्तो को दोषी करार दिया तथा इनमें से आठ को सजा सुनाई गई, जबकि अभियुक्त डा. एम पी वर्मा डा. शशि भूषण वर्मा और डा. ब्रजबिहारी सिंह को दोष मुक्त करार दिया।

सीबीआई के विशेष न्यायाधीश सज्जन कुमार दुबे की अदालत ने चारा घोटाला के आर सी 44/96 मामले में 48 अभियुक्तों को दोषी करार दिया तथा इनमें से आठ को सजा सुनाई। इस मामले में दोषी करार दिए गए शेष 40 अभियुक्तों के सजा के विन्दू पर 15 दिसम्बर को सुनवाई होगी।

इस मामले में मोहम्मद हुसैन, मोहम्मद इकराम, एस निसा, एस हक, निर्मला प्रसाद, अनिता प्रसाद, सुलेखा देवी और रमाशंकर सिंह को तीन तीन वर्ष की सश्रम कारावास की सजा तथा 20 हजार रुपये से लेकर 40 हजार रुपये तक की अर्थदंड की सजा सुनाई गई।

चारा घोटाले में कुल दर्ज 53 मामलों में से इससे पहले अब तक 33 मामलों का फैसला सुनाया जा चुका है। यह मामला मुर्गी फार्म होटवार रांची के लिए रांची कोषागार से अप्रैल 1992 से मार्च 95 के बीच आठ करोड, साठ लाख 92, हजार 228 रुपये की अवैध निकासी से संबधित है। इस मामले में कुल 59 लोगों के विरूद्ध सीबीआई ने अभियोग पत्र दाखिल किया था जिसमें से चार अभियुक्तों एस. बी. सिन्हा जेपी सिन्हा हरीश खंडेवाल एवं रामदेव प्रसाद का निधन हो गया है। एक अभियुक्त अशोकानंद को मुक्त कर दिया गया जबकि दो अभियुक्त आर के दास तथा शैलेश कुमार सिंह वादामाफ गवाह बन गए और एक अभियुक्त पी के जासवाल ने अपना दोष स्वीकार कर लिया था।

न्यायालय ने इस मामले में अभियुक्त डा. एम पी वर्मा, डा. शशि भूषण वर्मा, डा. ब्रजबिहारी सिंह को दोष मुक्त करार दिया।

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