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पौंटी गांव में पल भर में छा गया मातम

बड़कोट के पौंटी गांव में चार लोगों की सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत होने से गांव में मातम छाया हुआ है। जबकि परिवार का अकेला दिनेश जयाड़ा की भी दुर्घटना में मौत होने से परिवार अनाथ हो गया है। मोरी निवासी आस्था का सुहाग दो माह में उजड़ गया, उसका पति देहरादून निवासी और मोरी बैंक में कार्यरत विपिन भी इस दुर्घटना में चल बसा।

पौंटी गांव में बुधवार को ग्रामीणों के ऊपर दु:ख का पहाड़ टूट पड़ा। आईटीबीपी से सेवानिवृत्त हुए दो सगे भाइयों और दो चचेरे भाइयों की  सड़क दुर्घटना में मौत से जनपद के सबसे बड़ा गांव पौंटी में शोक की लहर है। ये चारों लोग हर माह मातली कैंटीन में घरेलू सामान लेने आते थे लेकिन इस बार ये चारों दुर्घटना में काल का शिकार बन गए।

पौंटी गांव में जो खुशियां कल तक थी वह विक्रम सिंह, विजयपाल सिंह दोनों पुत्र अतर सिंह तथा बालम सिंह पुत्र मान सिंह व दयाल सिंह धूम सिंह चचरे भाई की मौत से पल भर में दु:ख में बदल गयी। कुछ इसी प्रकार डख्याटा गांव में भी सड़क दुर्घटना में मरे 30 वर्षीय दिनेश जयाड़ा के साथ भी हुआ।

बचपन में ही मां और बाप के साया खोने के बाद दिनेश घर का अकेला चिराग था। शादी के बाद दिनेश ने बड़कोट तहसील में अर्जी नवीश का काम शुरू किया और गांव से अपने दो छोटे मासूम बच्चों को बड़कोट ले आया। घर की आजीविका दिनेश पर निर्भर थी।

किन्तु बुधवार के दिन सड़क  दुर्घटना में दिनेश के चले जाने से उसकी पत्नी व दो मासूमों पर पहाड़ जैसा टूट पड़ा। गांव के लोग घटना से सहमे हुए हैं। पनोथ गांव के राजेश की मौत से भी क्षेत्र में शोक की लहर है। इधर दुर्घटना में सभी 12 लोगों की मौत और चालक घायल होने से भी लोग अचंभे में है।

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