class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

क्यों नहीं ले रहे दो करोड़ का ड्राफ्ट

देहरादून में मौसम कार्यालय के लिए केंद्रीय मौसम विभाग ने दो करोड़ का ड्राफ्ट तो भेज दिया लेकिन अफसर इसे स्वीकार करने से मना कर रहे हैं। जिले के अफसरों ने इसके लिए शासन की अनुमति जरूरी बता दी और शासन के अफसर कह रहे हैं कि इसका निर्णय जिलाधिकारी को लेना है। उधर, जो भूमि विभाग के लिए प्रस्तावित है उस पर कुछ प्रभावशाली लोगों की निगाह लगी है।

उत्तराखंड का मौसम विभाग फिलहाल सर्वे ऑफ इंडिया के एक भवन में चल रहा है। कुछ साल पहले विभाग ने सरकार से दून में जमीन मांगी थी। सरकार ने मुफ्त जमीन से इनकार कर दिया। विभाग ने फिर कोशिश की तो एक करोड़ की राशि के बदले भूमि देने का वादा किया गया। विभाग संबंधित राशि का इंतजाम कर पाता इससे पहले ही नत्थनपुर स्थित डेढ़ एकड़ भूमि का रेट पांच करोड़ बता दिया गया।

मौसम विभाग के दिल्ली में बैठे अधिकारियों ने पांच करोड़ की बात को भी मान लिया और इस वर्ष दो करोड़ का ड्राफ्ट बनाकर उत्तराखंड भेज दिया। विभाग ने इस ड्राफ्ट को दून के जिला प्रशासन को रिसीव कराने की कोशिश की तो देहरादून के अपर जिलाधिकारी यूसी कबड़वाल (अब सीडीओ उधमसिंह नगर) ने इसके लिए शासन से आदेश लाने की जरूरत बता दी।

मौसम विभाग के निदेशक ने राजस्व विभाग के अपर सचिव भास्करानंद से संपर्क किया। लेकिन, अपर सचिव ने इस ड्राफ्ट को रिसीव किए जाने के बारे में जिला प्रशासन को कोई आदेश जारी नहीं किया। सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल दो करोड़ का ड्राफ्ट कार्यालयों के बीच में झूल रहा है।

डीएम कार्यालय इस ड्राफ्ट को स्वीकार करने को तैयार नहीं है। जबकि, अपर सचिव भास्करानंद का कहना है कि इस मामले में जिलाधिकारी को ही निर्णय करना है। अफसरों के बदले रुख से परेशान मौसम विभाग अब इस मामले को सीएम के सामने रखने जा रहा है

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:क्यों नहीं ले रहे दो करोड़ का ड्राफ्ट