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ब्रेक अप पार्टी में जा रहे हैं..

ब्रेक अप पार्टी में जा रहे हैं..

सुनीता हमेशा की तरह कॉलेज जाने के लिए सुबह तैयार हो रही है। सब कुछ वही है, लेकिन आज न जाने क्यों उसका तैयार होने में बिलकुल मन नहीं लग रहा। अगर कोई और मौका होता तो बेहद खुशी-खुशी तैयार होती, लेकिन आज बात ही कुछ ऐसी है। उसे खुद ही समझ नहीं आ रहा है कि वो खुश हो या नहीं। दरअसल कॉलेज के बाद सुनीता को अपने दोस्त रमन और नेहा की ब्रेकअप पार्टी पर जाना है। उसे इस बात की खुशी तो है कि पार्टी है, लेकिन मैरिज पार्टी, बर्थडे पार्टी की बात अलग होती है। अब ये ब्रेकअप पार्टी क्या है? और इसके लिए खुश होना चाहिए या फिर नेहा और रमन का रिश्ता खत्म होने के लिए अफसोस जाहिर करना चाहिए।

दरअसल डीयू में ब्रेकअप पार्टी एकदम नया ट्रैंड है। युवा लोग तत्काल रिश्ते बनाते हैं और जब उनका इस तरह के रिश्तों से मन भर जाता है तो वे उसका खत्म होना भी एन्ज्वॉय करते हैं। मजेदार बात है कि इस रिश्ते को खत्म करने के लिए भी वे बाकायदा ब्रेकअप पार्टी का आयोजन करते हैं। इसमें ब्रेकअप करने वालों के कुछ खास दोस्त शामिल होते हैं। नेहा कहती है, हम रिश्तों को ढोने में यकीन नहीं रखते। जब हमें लगता है कि अब रिश्ता आगे नहीं चल पायेगा तो हम ब्रेकअप कर लेते हैं और उसके लिए पार्टी का भी आयोजन होता है।

यूरोपियन देशों में ब्रेक पार्टी का पुराना चलन है। इस विषय पर क्रिस्टाइन गैलधर ने 2003 में ‘हाऊ  टू थ्रू ए ब्रेकअप पार्टी’ लिखी है। इसमें इस बात का जिक्र किया गया है कि लाइफ में अगर कोई छोड़ कर चला जाए तो पूरी जिंदगी यूं रो-धोकर नहीं गुजारी जा सकती, बल्कि एक-दूसरे के ब्राइट फ्यूचर के लिए शुभकामनाएं देनी चाहिए। क्रिस्टाइन ने इस विषय को लेकर अमेरिका व अन्य देशों में कई टॉक शो भी किए और तब से ही इस पार्टी का दौर शुरू हो गया। हालांकि पहले ये पार्टी सिर्फ विदेशों में ही की जाती थीं, लेकिन धीरे-धीरे ये भारत में भी शुरू होने लगी हैं।  फिल्म ‘लव आजकल’ के बाद तो जैसे इसका जादू सा चल गया है। वैसे आमतौर पर ये पार्टी अभी भी या तो हाई लैवल के लोग करते हैं या फिर कॉलेज के या बड़ी कंपनियों में काम कर रहे युवा लोग। क्रिस्टाइन ने अपनी किताब में पार्टी करने से पहले इसके कुछ टिप्स भी दिए हैं, जिन्हें ध्यान में रखना बेहद जरूरी है।इट इज ए पार्टी- पार्टी करने से पहले एक बात तो जरूर ध्यान रखनी चाहिए कि यह एक पार्टी है, इसलिए इसमें फन, फूड, म्यूजिक और पूरा एंज्वॉयमेंट हो, न कि रोना-धोना। आपको पूरी तरह से ये ध्यान रखना है कि कही किसी तरह का कोई ड्रामा नहीं होना चाहिए।

बी इनोवेटिव- अगर आप किसी को पार्टी में बुला रहे हैं तो पहले से ही स्पष्ट कर दें कि पार्टी किस मकसद से रखी गयी है, ताकि उस वक्त आपको बेजा सवालों का सामना न करना पड़े और सब पूरी तरह एंजॉय कर पाएं।
एवरी वन इज इन योर पार्टी- ध्यान रखें कि आप कहीं किसी का टाइम तो खराब नहीं कर रहे, क्योंकि कहीं ऐसा न हो कि आप अपने बॉयफ्रैंड या अपनी गर्लफ्रैंड की ही बातें करते रहें। बल्कि सबके सामने कबूल करें कि अब हम एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं और हां, अगर कोई और पसंद है तो उसे प्रपोज करने में भी कोई बुराई नहीं है।
दिलचस्प बात तो ये है कि ब्रेकअप पार्टी के लिए गिफ्ट भी बिल्कुल अलग तरह के होते हैं। यानी ब्रेक अप स्लोगन लिखी टी-शर्ट्स, टूटे हुए दिल वाले ग्रीटिंग कार्डस। इस बारे में निकिता का कहना है कि अभी हाल ही में हमने अपने कॉलेज में सन्नी और प्रिया की ब्रेकअप पार्टी का सेलिब्रेशन किया गया था तो प्रिया वो सारे गिफ्ट एक बैग में लाई थी, जो सन्नी ने उसे दिए थे और सन्नी भी एक दो रिटर्न गिफ्ट्स लाया था।

हैरानी की बात तो ये है कि आखिर क्यों आजकल के युवा अपने रिलेशंस को लेकर उतने गंभीर नहीं हैं, क्यों उनके द्वारा बनाये गये रिश्ते इतनी जल्दी ब्रेक हो जाते हैं? क्या अन्य तमाम चीजों की तरह ही वे रिश्तों में भी किसी किस्म के स्थायित्व को पसंद नहीं करते? और क्या युवा पीढ़ी रिश्तों को भी केवल फन ही समझती है? इन सब सवालों के जवाब आने वाला समय ही देगा।

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