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भारत-रूस रक्षा क्षमताओं को विस्तार मिलेगा: भारत

भारत-रूस रक्षा क्षमताओं को विस्तार मिलेगा: भारत

भारत ने भरोसा जताया कि वर्ष 2011 से अगले 10 वर्ष के लिये रूस के साथ हुए सैन्य तथा तकनीकी सहयोग समझौते से अगले दशक में देश के रक्षा बलों की परिचालन क्षमताओं को विस्तार देने में मदद मिलेगी।

यह समझौता उन तीन रक्षा करार में शामिल है जिस पर भारत और रूस ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तथा रूसी राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव के बीच सालाना शिखर वार्ता के बाद हस्ताक्षर किए हैं। इस करार के तहत रक्षा उपकरणों की खरीद, लाइसेंसी विनिर्माण और आधुनिकीकरण होगा तथा नई और आधुनिक शस्त्र प्रणाली विकसित की जायेगी।

विदेश सचिव ने प्रधानमंत्री की रूसी नेतृत्व के साथ बातचीत के समापन मौके पर कहा कि इस समझौते से अगले दशक में रक्षा उपकरण प्रणालियां मुहैया होने के साथ भारत के रक्षा बलों की परिचालन क्षमता को विस्तार देने में मदद मिलेगी।

सिंह की रूसी नेतृत्व के साथ बातचीत में उनकी रूसी प्रधानमंत्री व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात भी शामिल रही। पुतिन ने ही पूर्व में बतौर राष्ट्राध्यक्ष भारत के साथ रूस के सामरिक संबंधों की नींव रखी थी। विदेश सचिव ने कहा कि समझौते से भारत के रक्षा उद्योग में क्षमता विकास को भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारत और रूस के नेताओं ने द्विपक्षीय भागीदारी में प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया है। इस पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है कि किस तरह दोनों देश इस भागीदारी को आने वाले महीनों में तेज कोशिशों के जरिये आगे ले जा सकते हैं।

भारत-रूस के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों की परिषद की हुई बैठक में विदेश सचिव ने कहा कि परिषद के रूसी सहअध्यक्ष व्लादिमीर इवतुशेनकोव ने संचार क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर बात की। उन्होंने कहा कि बैठक में फार्मा उद्योग में सहयोग की संभावना पर भी जोर दिया गया।

प्रधानमंत्री ने इसका खुलासा किया था कि किस तरह भारत- रूस को किफायती दवाओं की आपूर्ति में मदद कर सकता है क्योंकि इस क्षेत्र में भारत के पास जानकारी और तजुर्बा है। सिंह और मेदवेदेव ने फार्मा उद्योग क्षेत्र में भारत और रूस के संबंध विकसित होने की संभावना पर बातचीत की।

परिषद में भारतीय सह अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने बुनियादी संरचना के विकास, फार्मा क्षेत्र में सहयोग और संचार तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में नई तकनीक के साझा विकास की संभावनाओं पर बातचीत की।

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