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स्वतंत्रता सेनानी बनवारी लाल का निधन

आजाद हिन्द फौज के सिपाही एवं स्वतंत्रता सेनानी बनवारी लाल का रविवार देर शाम यहां निधन हो गया। सोमवार सुबह उनका पैतृक गांव सांघी में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सांसद दीपेन्द्र सिंह हुड्डा ने उनकी चिता पर पुष्पचक्र चढ़ा कर नमन किया। प्रशासन की ओर से एसडीएम राजीव मेहता ने भी पुष्पचक्र चढ़ा कर स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि दी।

बनवारी लाल की चिता को मुखाग्नि गांव के एकमात्र जीवित स्वतंत्रता सेनानी रामकिशन और बनवारी लाल के दोस्त रहे गुमाणा निवासी स्वतंत्रता सेनानी पर्बत सिंह ने दी। अन्त्येष्टि पर भारी संख्या में आए ग्रामीणों ने बनवारी लाल अमर रहें व भारत माता की जय के नारे लगाए।

सांघी में 11 नवंबर 1916 को जन्मे बनवारी लाल मार्च 1941 से 1946 तक आजाद हिन्द फौज में सिपाही रहे। स्वतंत्रता संग्राम में स्मरणीय योगदान के लिए राष्ट्र की ओर से 15 अगस्त 1972 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी ने बनवारी लाल को ताम्रपत्र भेंट किया था। 93 वर्षीय बनवारी लाल के परिवार में तीन लड़के और दो लड़कियां हैं।

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