class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

गाजीपुर में इनामी बंटू ने किया आत्मसमर्पण

पुलिस कस्टडी से फरार चल रहे पांच हजार के इनामी अपराधी रितेश सिंह उर्फ बंटू ने सोमवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम की अदालत में बड़े ही नाटकीय ढंग से आत्मसमर्पण कर पुलिस महकमे को चौंका दिया। अदालत ने उसकी जमानत अर्जी खारिज करते हुए उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

करण्डा ब्लाक प्रमुख सुशीला सिंह पर हमला और उनके देवर विनोद सिंह की हत्या के मामले में जिला जेल में बंद रितेश सिंह उर्फ बंटू फरवरी 2006 में वाराणसी के एक अस्पताल से पुलिस सुरक्षा घेरे को तोड़कर फरार हो गया था। लम्बे समय से फरार चल रहे बंटू सिंह की पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही थी। डीआईजी स्तर पर बंटू सिह के सिर पर पांच हजार का इनाम भी घोषित कर दिया गया था।

सोमवार को अचानक बंटू सिंह ने फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम की अदालत में आत्मसमर्पण कर सबको चौंका दिया। यह खबर पूरे जिले में फैल गयी। जमानत खारिज होने के बाद पुलिस सुरक्षा घेरे में जेल जा रहे बंटू ने मीडिया को बताया कि, वह इतने वर्षो तक फरार नहीं था, बल्कि उसका अपहरण कर उसे बंद किया गया था।

उसने अपने प्रतिद्वंद्वी पर आरोप लगाते हुए कहा कि, उसे अदालत पर पूरा विश्वास है। बंटू के आत्मसमर्पण की खबर उसके नजदीकियों को भी थी। आत्मसमर्पण के बाद न्यायालय परिसर में उसके कई नजदीकी इधर-उधर मंडराते नजर आये। नाटकीय ढंग से आत्मसमर्पण कर बंटू सिंह एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। वैसे उसके आत्मसमर्पण से पुलिस का सिरदर्द काफी कम हो गया है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:गाजीपुर में इनामी बंटू ने किया आत्मसमर्पण