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गंगाजल पीना तो दूर, नहाने लायक भी नहीं

गंगा निर्मलीकरण पर करोड़ों रुपये बहाने के बावजूद तीन दजर्न से अधिक नाले गंगा में जहर घोल रहे हैं। इन नालों से शहर भर का मल-जल गंगा में गिर रहा है। इसके चलते गंगा के घाटों पर बायोजाजिकल आक्सीजन डिमांड (बीओडी) 16 से 21 मिली ग्राम प्रति लीटर तक पहुंच गई है।

नालों के पास तो बीओडी 60 से 80 मिली ग्राम प्रति लीटर है। नदी के पानी में बीओडी की मात्र एक अथवा दो मिली ग्राम प्रति लीटर से अधिक नहीं होना चाहिए। इसके चलते गंगा जल पीना तो दूर, नहाने लायक भी नहीं रह गया है।

जलीय जीवों पर पड़ा रहा बुरा असर पर्यावरणविद डा.डीएस त्रिपाठी कहते हैं कि कार्बनिक, अकार्बनिक और जैविक पदार्थ आपस में प्रतिक्रिया करके गंगा जल के आक्सीजन को नष्ट कर देते हैं। इससे गंगा जल में घुलित आक्सीजन की मात्र घट जाती है। इसकी कमी से जलीय जीवों पर बुरा असर पड़ रहा है।

जलीय जीवों को सांस लेने में कठिनाई होती है। आक्सीजन की कमी से इनकी प्रजनन और रोग प्रतिरोधी क्षमता घट जाता है। कई बार जलीय जीवों की मौत हो जाती है अथवा स्थान बदल देते हैं।

गंगा में गिरने वाले नाले-

गंगा नदी में दो तरह के नाले गिर रहे हैं। इनमें एक सतही नाला है तो दूसरा भूमिगत स्नोत। इनमें ज्ञान प्रवाह ड्रेन, सामने घाट ड्रेन, महादेव घाट, अघोरेश्वर आश्रम घाट, रामघाट, नगवां (अस्सी), रविदास पार्क, गंगा महल घाट, निरंजन घाट, शिवाला घाट, डंडी घाट, हरिश्चंद्र घाट, विजयानगरम, चौकी घाट, क्षेमेश्वर घाट, पांडेय घाट, अहिल्या बाई घाट, राजेंद्र प्रसाद घाट, मान मंदिर घाट, मीरघाट, ललिता घाट, जलासेन घाट, मणिकर्णिका घाट, संकठा घाट, भोंसले घाट, मेहता घाट, पंचगंगा घाट, ब्रह्मा घाट, लाल घाट, त्रिलोचन घाट, गोल घाट, नंदेश्वर घाट, तेलिया नाला, भैसासुर घाट, राजघाट ड्रेन- एक, राजघाट ड्रेन-दो, वसंत कालेज आउट फाल से वरुणा संगम तक तीन दजर्न से अधिक नाले बह रहे हैं।

गंगाजल में बढ़ता प्रदूषण-

डीओ   2.00 से 9.8 मिली ग्राम प्रति लीटर
बीओडी   1.9 से 87.5 मिली ग्राम प्रति लीटर
आयरन   0.8 से 1.5 माइक्रो ग्राम प्रति लीटर
कॉपर   0.05 से 0.85 माइक्रो ग्राम प्रति लीटर
जिंक   2.0 से 17.5 माइक्रो ग्राम प्रति लीटर
लेड    0.05 से 0.07 माइक्रो ग्राम प्रति लीटर
कैडमियम  0.04 से 0.08 माइक्रो ग्राम प्रति लीटर
क्रोमियम   0.01 से 0.06 माइक्रो ग्राम प्रति लीटर
टोटल कोलीफार्म   5 से 375 एमपीएन
स्नोत : राष्ट्रीय पर्यावरण संरक्षण परिषद   
 

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