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स्वयं सहायता समूह मिड-डे मील से जुड़ेंगे

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों को अब और जिम्मेदारी दी जाएगी। इन्हें मिड-डे मील से भी जोड़ा जाएगा। महिला विकास निगम, ग्रामीण विकास विभाग व जीविका द्वारा गठित सभी एक लाख 41 हजार स्वयं सहायता समूहों के बीच एक बेहतर तालमेल बनाने का भी निर्देश दिया गया है। इन समूहों द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार मुहैया कराने के लिए 87 ग्रामीण हाट बनाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री यहां गांधी मैदान में ग्रामीण विकास विभाग व केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से आयोजित वसंत सरस मेला का उद्घाटन करने के बाद जन समूह को संबोधित कर रहे थे। मेले में बिहार समेत तेरह राज्यों से आए स्वयं सहायता समूहों के 250 स्टॉल लगाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने नारी सशक्तीकरण व स्वरोजगार के लिए कई कदम उठाए हैं। इनका असर भी दिखने लगा है। अब फस्र्ट डिवीजन से मैट्रिक पास करने वाली लड़कियों को दस हजार रुपए दिए जाएंगे। पहले अल्पसंख्यक समुदाय की लड़कियों को फर्स्ट डिवीजन से मैट्रिक पास करने पर दस हजार रुपए देने की योजना शुरू हुई, जिसका नतीजा हुआ कि फर्स्ट डिवीजन से पास करने वाली अल्पसंख्यक लड़कियों की तादाद चौगुनी बढ़ गई। स्कूली छात्राओं को पोशाक व साइकिल दी जा रही है, जिससे उनमें पढ़ने की और ललक जगी है। अब लड़कों को भी साइकिल दी जाएगी। पंचायतों में महिलाओं को पचास फीसदी आरक्षण का नकल केन्द्र भी करने जा रहा है।

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