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राज्य के छोटे शहरों मे बनेंगे रीजनल हब

 राज्य सरकार पटना पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए छोटे शहरों में रीजनल हब बनाने पर विचार कर रही है। इरादा यह है कि अगर पटना के अलावा दूसरे शहरों में जरूरी साधन उपलब्ध हो जाएं तो राजधानी की भीड़ को नियंत्रित किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को हिन्दुस्तान से बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रीजनल हब विकसित करने की योजना को 2010-15 के बीच जमीन पर आ जाएगी। पटना और दूसरे शहरों के आसपास टउनशिप बनाया जाएगा।

 कुमार ने माना कि पटना पर आबादी का बोझ है। शहर के दूसरे शहरों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के पर्याप्त साधन नहीं हैं। लिहाजा हर आदमी पटना में ही रहना चाहता है। किसी को घर बनाना है तो पटना में ही बनाएगा। इसके चलते भी राजधानी में भीड़ बढ़ी है। उन्होंने कहा कि पहले चरण में दरभंगा, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णियां, डेहरी ऑन सोन, गया, पूर्णिया जैसे शहरों में रीजनल हब बनेगा। बाद में दूसरे शहरों में इसका विस्तार होगा। कोशिश यह होगी कि इन शहरों में रोजगार के इतने अवसर उपलब्ध हो जाएं कि लोग इसके लिए पटना पर आश्रित नहीं रहें। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश की काफी संभावना है। उनके दूसरे कार्यकाल में यहां भारी निवेश होगा। सड़क और कानून व्यवस्था की हालत में सुधार से निवेशकों का विश्वास बढ़ा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि मुजफ्फरपुर में लीची से वाइन बनाने के प्रस्ताव को राज्य सरकार ने स्वीकार कर लिया है। भारतीय कृषि अनुसंधान पषिद के महानिदेशक डा. मंगला राय ने मंगलवार को मुलाकात के दौरान लीची से वाइन बनाने का कारखाना खोलने का प्रस्ताव दिया था। श्री कुमार ने कहा कि कारखाना के लिए सरकार जमीन देगी। इससे लीची उत्पादकों की आमदनी बढ़ेगी। अभी किसान लीची की फसल बेचने में जल्दबाजी करते हैं। कम समय में ही उन्हें अपना उत्पाद बेचना रहता है। वाइन बनने का कारखाना खुल जाने के बाद फसल बेचने की जल्दी नहीं होगी। तब किसानों को अच्छा दाम भी मिलेगा।

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