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बिहार में शराब की बिक्री से रिकॉर्ड कमाई

बिहार में नीतीश सरकार के मौजूदा कार्यकाल के दौरान न सिर्फ शराब की बिक्री से होने वाली आय में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है बल्कि शराब की दुकानों की संख्या में भी काफी इजाफा दर्ज किया गया है। आबकारी विभाग के आंकड़ों के मुताबिक राज्य में वर्ष 2006-07 में शराब की कुल दुकानों की संख्या जहां 2,797 थी वहीं आज यह बढ़कर 6,184 हो गई है।

विभाग के सूत्रों के अनुसार देश में औसतन एक लाख की आबादी पर सात विदेशी तथा छह देसी शराब की दुकानें हैं जबकि बिहार में प्रति लाख आबादी पर विदेशी शराब की चार तथा देसी शराब की छह दुकानें खोलने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है।

सूत्रों की मानें तो राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में तीन ग्राम पंचायत पर शराब की एक दुकान खोल दी गई है। जानकार मानते हैं कि शराब से लोगों की आमदनी बढ़ी है और इससे निकले एक हिस्से ने सरकार के खजाने की रकम को भी बढ़ा दिया है।

विभाग के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2004-05 में शराब के उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) से सरकार को 272. 53 करोड़ रुपए की आय प्राप्त हुई थी वहीं वर्ष 2005-06 में यह राशि बढ़कर 319. 70 करोड़ रुपए तथा 200-07 में 383.87 करोड़ रुपए हो गई। वहीं पिछले दो सालों में यह राशि बढ़कर 749.15 रुपए करोड़ तक जा पहुंची।

आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2007-08 में शराब के उत्पाद शुल्क से होने वाली आय जहां 535. 56 करोड़ रुपए थी वहीं 2008-09 में यह राशि बढ़कर 749.15 करोड़ रुपए तक जा पहुंची।

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  • Web Title:बिहार में शराब की बिक्री से रिकॉर्ड कमाई