class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

भगाएं सर्दी-जुकाम गले की खिचखिच

इन दिनों लोग हर तरफ सर्दी-जुकाम और गले की खिचखिच से परेशान हैं। सूं-सूं करती नाक, गले में कांटे जैसी चुभन, सटकने में दिक्कत, खांसी, दर्द और बुखार से बेहाल जिस्म! इन परेशानियों से निजात पाने के लिए कुछ सरल नुस्खे अत्यंत उपयोगी साबित हो सकते हैं: 

सर्द शुष्क हवा से बचें : सर्दियों में हवा में वाष्प की मात्र घट जाती है। यह शुष्क हवा सूजन से घिरे हुए गले को शूल-सी चुभती है। इस स्थिति से बचने के लिए किसी बड़े मुंह के बर्तन में पानी भर उसे इलैक्ट्रिक स्टोव पर रख दें या फिर कमरे में ह्यूमिडीफाइर चला छोड़ें। कमरे में भाप उड़ते रहने से हवा में वाष्प स्तर बढ़ जाएगा और आप बेहतर महसूस करेंगे। 

गुनगुने पेय पदार्थों की घूंट भरते रहें : खूब पेय पदार्थ लें। हर्बल चाय, सूप और हल्का गुनगुना पानी इस दृष्टि से सर्वथा उपयोगी हैं। ऐसी चीजें लेने से गला तर बना रहेगा।

गरारे करें : गले में सूजन होने पर गला खुश्क हो जाता है और निगलते वक्त दर्द और रुंधने की परेशानी आती है। इससे उबरने के लिए दिन में तीन-चार बार गरारे करें। गरारे के लिए आधा लीटर गुनगुने पानी में एक छोटी चम्मच नमक मिला लें। इससे गले में आई सूजन दूर हो सकेगी। शहरी आबोहवा में वायु प्रदूषण के कारण भी कुछ लोगों का गला बार-बार खराब होता रहता है। उनमें भी यह नुस्खा काम आता है। सुबह उठते ही और रात में सोने से पहले गुनगुने पानी से गरारे करें।

लोजेन्जेस चूसिए : गले में खराश होने पर केमिस्ट की दूकान से विक्स, स्ट्रेप्सिल्स या टस-क्यू सरीखी लोजेन्जेस की गोलियां खरीदें और चूसते रहें। इन लोजेन्जेस गोलियों में हल्की बेहोशी के गुण होते हैं। इससे गले की नसें सुन्न हो जाती हैं और कुल मिलाकर राहत महसूस करेंगे। लोजेन्जेस चूसने से लार भी अधिक बनेगी जिससे गला तर बना रहेगा और आप सुकून महसूस करेंगे।

डिसपर्सिबल डिस्प्रिन का दोहरा लाभ उठाएं : गले में बहुत दर्द हो तो गुनगुने पानी में नमक घोलने की बजाय डिसपर्सिबल डिस्प्रिन की दो टिकिया घोल लें। गरारे करें और गरारों के बाद इसे गटक जाएं। इससे दोहरा लाभ मिलेगा। गले पर डिस्प्रिन के सीधे असर से सूजन और दर्द से आराम मिलेगा। डिस्प्रिन घुल कर जब खून में पहुंचेगी तो बुखार और बदन-दर्द से राहत दिलाने में भी कारगर साबित होगी।

ठंडी, खट्टी और तीखी चीजें से बचकर रहें : ठंडी, खट्टी और मिर्च-मसाले वाली तीखी चीजें गले की सूजन बढ़ाकर उसे रुंध सकती हैं। इसीलिए जब तक गला ठीक न हो जाए इनसे परहेज बरतने में ही अच्छाई है।

एंटीहिस्टामिन दवाएं लेने के लाभ : सर्दीजुकाम में प्रिस्क्राइब की जाने वाली एंटीहिस्टामिन दवाएं जुकाम की कुल मियाद तो नहीं घटातीं, पर इन्हें लेने से नाक चलने और खांसी में जरूर कुछ आराम मिल जाता है, पर इतना ध्यान रखें कि दवा लेकर गाड़ी चलाना ठीक नहीं, चूंकि ज्यादातर लोगों में ये दवाएं सुस्ती पैदा करती हैं।

डॉक्टर से मिलना कब है जरूरी : गला बैठने के साथ-साथ अगर शरीर का तापमान 101 डिग्री फारेनहाइट या उससे तेज हो जाए, निगलने में अधिक परेशानी महसूस होने लगे, सांस लेने में तकलीफ हो, गर्दन में सूजन आ जाए, जोड़ों में दर्द हो, शरीर पर दाने निकल आएं या गला बार-बार खराब हो तो घरेलु इलाज पर भरोसा करने के बजाय फेमिली डॉक्टर से जांच करा लेने में ही अच्छाई है। समय से सही इलाज शुरू होने से संभावित गंभीर जटिलताओं से साफ बचा जा सकता है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:भगाएं सर्दी-जुकाम गले की खिचखिच